6 अरब रुपए में राजा का शाही अंतिम संस्कार, सोने के रथ में आखिरी विदाई

नई दिल्ली(28 अक्टूबर): थाईलैंड के राजा अदुल्यादेज भूमिबोल का शाही अंतिम संस्कार किया गया। अदुल्यदेज का पिछले साल 13 अक्टूबर को निधन हो गया था। उनके शाही अंतिम संस्कार के लिए पिछले एक साल से तैयारी चल रही थी। भूमिबोल वर्ष 1950 में थाईलैंड के राजा बने थे। राजा का अंतिम संस्कार पांच दिन तक चला। राजा का अंतिम संस्कार राजधानी बैंकाक में अब हुआ। 

- उनकी छवि एक पिता के रूप में थी। लोग उन्‍हें दयालु मानते थे। यही कारण है कि उनकी मौत पर पूरा थाईलैंड रोया था। कहा जा रहा है कि अंतिम संस्‍कार के लिए 6 अरब रुपए खर्च किए गए।

- भगवान राम के वंशज माने जाने वाले भूमिबोल के देहांत के बाद एक साल का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था और इस शोक के बाद बौद्ध परंपरा के अनुसार भूमिबोल को आखिरी विदाई दी गई। उनकी अंतिम सवारी सोने के रथ पर निकली। राजा के सम्मान में 500 प्रतिमाओं का निर्माण किया गया था। 

-वो संवैधानिक रूप से बनाए गए राजा थे। उनकी शक्तियां भी सीमित थीं। थाईलैंड में उन्हें भगवान की तरह लोग दर्जा दिया करते थे। 

- उनका जन्म 5 दिसंबर 1927 के दिन मैसाचुसेट्स यानी यूएस में हुआ था। उनके पिता भी प्रिंस थे, नाम था माहिडोल अदुन्यदेत। 

- 18 साल की उम्र में अदून्यदेत गद्दी पर विराजमान हो गए थे। 

- राजा के अंतिम संस्कार के लिए 185 फीट ऊंचा सोने जैसा चमकता श्मशान बनाया गया। यह अब तक का सबसे महंगा अंतिम संस्कार है। राजा के शव को सोने की पालकी में रखकर एस्केलेटर से श्मशान स्थल ले जाया गया। जैसे ही राजा का शव पहुंचा, तो तोपों की सलामी दी गई। बौद्ध परंपरा से उनका दाह संस्कार किया गया। चिता तक की दो किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में पूरी हुई।

- भूमिबोल ने करीब सात दशक तक थाईलैंड की राजगद्दी संभाली। 

- भूमिबल दो सौ साल पुराने चकरी राजवंश के 9वें राजा थे। वो दुनियाभर में सबसे लंबे समय तक राज करने वाले राजा के तौर पर जाने जाते हैं। उनके 70 साल लंबे राज में देश में 12 प्रधानमंत्री बदले।