ध्वनि प्रदूषण के लिए मस्जिद को जिम्मेदार बताने वाली किताब पर बवाल, प्रकाशक ने मांगी माफी

नई दिल्ली (2 जुलाई): एकबार फिर मस्जिद में बजने वाले लाउडस्पीकरों पर बवाल खड़ा हो गया है। ICSI बोर्ड छठीं क्लास की किताब में छपी तस्वीर में मस्जिद को ध्वनि प्रदूषण के सोर्स के तौर पर दिखाया गया है। किताब की यह तस्वीर सोशल मीडिया वायरल हो गई है। लोग प्रकाशक से माफी की मांग के साथ किताब के मौजूदा संस्करण से तस्वीर हटाने की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रकाशक ने तस्वीर के लिए माफी मांगी है। सोशल साइट पर प्रकाशक हेमंत गुप्ता ने एक पोस्ट में कहा है कि हम सभी को बताना चाहते हैं कि किताब के अगले संस्करणों में इस चित्र को हटा दिया जाएगा।


गुप्ता ने अपने पोस्ट में कहा है कि किताब के पेज नंबर 202 पर दर्शाए डायग्राम में दिख रही संरचना एक किले और अन्य शोर पैदा करने वाले चीजों की है, जिन्हें एक शोर गुल से भरे शहर में स्थित दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी की भावना को कोई ठेस पहुंची है, तो इसके लिए माफी मांगते हैं। आपको बता दें कि विज्ञान की इस किताब को सेलिना पब्लिशर्स ने प्रकाशित है, जिसमें एक चैप्टर ध्वनि प्रदूषण के कारणों पर आधारित है।


सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीर में ट्रेन, कार, प्लेन और मस्जिद को शोर पैदा करने वाले चिन्हों के साथ दिखाया गया है। इनके बगल में खड़ा एक आदमी अपने हाथों से कानों को बंद किए हुए परेशान दिख रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने किताब को वापस लेने की मांग के साथ एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है।


आपको बता दें कि बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने इसी साल अप्रैल महीने में अजान को नींद में खलल डालने वाला बताकर विवाद खड़ा कर दिया था। सोनू निगम ने सोशल साइट पर लिखे पोस्ट में कहा था कि मुझे हर सुबह अजान की आवाज के साथ जगना पड़ता है। मस्जिदों में प्रार्थना के लिए अजान होती है, जिसके लिए लाउडस्पीकरों का उपयोग किया जाता है।