पाठ्यपुस्तक विवाद पर जावडेकर ने पुस्तक सामग्री को बताया लिंगभेदी, दिया कार्रवाई का आदेश

नई दिल्ली ( 14 अप्रैल ): केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 12वीं कक्षा की एक पाठ्यपुस्तक में महिला के शरीर की बनावट के बारे में दिये गये विवरण को लिंगभेदी बताया और इस मामले में कार्रवाई का आदेश दिए। पुस्तक के प्रकाशक ने हालांकि इसके प्रकाशन और बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय किया है ।


सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ाए जाने के लिए तैयार की गई फिजिकल एजुकेशन की पाठ्यपुस्तक में 36, 24, 36, फिगर को महिलाओं के लिए परफेक्ट फिगर माना गया है। जिसको लेकर कल सोशल मीडिया पर काफी आलोचना की गई और इस सामग्री को हटाने की भी मांग की गई ।

दिल्ली स्थित न्यू सरस्वती हाउस द्वारा प्रकाशित पुस्तक हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन की सामग्री पर विवाद उत्पन्न हुआ है जिसे वीके शर्मा ने लिखा है और इसे सीबीएसई से संबद्ध विभिन्न स्कूलों में पढ़ाया जाता है।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह किसी निजी प्रकाशक की पुस्तक को स्कूलों में पढ़ाने की सिफारिश नहीं करती।

वहीं, जावडेकर ने संवाददाताओं से कहा, मैं इस पुस्तक की सामग्री की निंदा करता है जो लिंगभेदी है। इस सामग्री का बचाव नहीं किया जा सकता और यह अस्वीकार्य है। हमने इस पर गंभीर संग्यान लिया है । मैंने अधिकारियों को इस पर उपयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।