सेल्फ ड्राइविंग कार से पहला हादसा, टेस्ला ड्राइवर की मौत

नई दिल्ली(1 जुलाई): सेल्फ ड्राइविंग कार से एक शख्स की मौत होने का दुनिया में पहला मामला सामने आया है। ये घटना 7 मई को यूएस स्टेट फ्लोरिडा के विलिस्टम में हुई जिसमें ओहियो के रहने वाले 40 साल के जोशुआ ब्राउन की मौत हो गई।

वे ऑटो पायलट मोड पर चल रही टेस्ला की कार में बैठे थे, जो ट्रेलर से टकरा गई। हालांकि, टेस्ला मोटर्स ने हादसे में अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया है।  टेस्ला मोटर्स ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि मॉडल एस कार के सेंसर सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। इससे ऑटो पायलट मोड पर चल रही कार की स्पीड बढ़ गई थी। वह हाईवे पर जा रहे 18 पहियों वाले ट्रेलर के नीचे घुस गई। एक्सीडेंट में कार की विंडशील्ड बुरी तरह टूट गई थी। कार की छत उखड़ गई। 

इस घटना में टैम्पा (फ्लोरिडा) का रहने वाल ट्रक ड्राइवर फ्रेंक बरेसी (62) भी घायल हुआ था। अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने अब इस मामले को लेकर इन्क्वॉयरी शुरू की है।

शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि ट्रेलर के अचानक लेफ्ट टर्न लेने के कारण एक्सीडेंट हुआ। कार की स्पीड इतनी तेज थी कि वो टक्कर के बाद भी ट्रेलर के नीचे से निकलकर बिजली के पोल से टकरा गई। ब्राउन की मौत मौके पर ही हो गई थी।

टेस्ला मोटर्स के स्टेटमेंट के मुताबिक, इसमें कंपनी की गलती नहीं है। ऑटो पायलट ड्राइविंग में मौत की यह पहली घटना है। कार का सॉफ्टवेयर ड्राइवर को स्टेयरिंग पर हाथ रखने का इंस्ट्रक्शन देता है, ताकि उसका अटेंशन बना रहे।  ऑटोपायलट मोड हर दिन पहले से बेहतर हो रहा है, लेकिन ये परफेक्ट नहीं है। इसमें अब भी ड्राइवर को अलर्ट रहने की जरूरत है।