सुसाइड बॉम्बर नहीं अब दहशतगर्द रोबोट, AI का इस्तेमाल कर सकते हैं आतंकी

नई दिल्ली (4 जुलाई): रोज मर्रा की लाइफ से लेकर जंग के मैदान तक रोबोट के उपयोग पर यूनाईटेड नेशंस ने चिंता जाहिर की है। यूनाईटेड नेशंस ने सभी देशों से कहा कि वो अपने-अपने रोबोटिक प्रोजेक्ट्स की निगरानी बढांए और रोबोट के सैन्य उपयोग को सीमित रखें। यूनाईटेड नेशंस की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ आतंकी संगठन रोबोटिक आर्मी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

अगर ये तकनीकि उनके हाथ लग गयी तो दुनिया से आतंक को समाप्त करना मुश्किल हो जाएगा। यूनाइटेड नेशंस के कार्यवाहक महानिदेशक माइकल मूलर ने लेथल ऑटोनोमस वेपन सिस्टम (लॉस)के डेवलपमेंट पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि आतंकवादी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के जरिए एक ऐसा रोबोट बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो खुद दुश्मन को पहचान कर उसे निशाना बना सकता है। माइकल मूलर ने कहा कि अगर आतंकवादी अपने मंसूबों में कामयाब हो गये तो दुनिया के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जायेगा।

यूनाइटेड नेशंस की बैठक में एक हजार से ज्यादा तकनीकि और रोबोटिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इसमें स्टीफन हॉकिन्स,टेस्ला मोटर्स के सीईओ एलन मस्क और एप्पल के को फाउंडर स्टीव वोज़नियाक ने कहा गंभीर चेतावनी सामने रखी थीं। वहीं गूगल के चेयरमैन एरिक स्कमिड ने सभी चेतावनियों को दरकिनार कर तकनीकि के विकास पर जोर दिया।