26/11 दोहराने की फिराक में आतंकी, छोटे बंदरगाहों और द्वीपों से कर सकते हैं घुसपैठ

अमित कुमार,नई दिल्ली (17 जून): खुफिया एजेंसियों ने भारत सरकार को आगाह किया है कि आतंकी एक बार फिर से 26/11 जैसे काण्ड दोहराने की फिराक में हैं। यह जानकरी कोस्टल एरिया की सिक्योरिटी ऑडिट के बाद सरकार को दिये गये पीपीटी में दी गयी है। इस पीपीटी में खुफिया एजेंसी ने सरकार को सुझाव दिया है कि छोटे बंदरगाह और द्वीपों पर सतर्कता और सुरक्षा को तत्काल बढाया जाये और दुरुस्त किया जाये। भारत सरकार को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 180 ऐसे बंदरगाह हैं जिनकी सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है।

इसके अलावा 30 ऐसे द्वीप है जिन पर सुरक्षा व्यवस्था को तुंरत दुरुस्त न किया गया तो आतंकी इन द्वीपों और बंदरगाहों के रास्ते घुसपैठ कर सकते हैं, और कहीं भी आतंकी घटना को अंजाम दे सकते हैं। सिक्योरिटी ऑ़डिट रिपोर्ट में गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के छोटे बंदरगाहों को सबसे ज्यादा 'वल्नर्बेल 'बताया गया है। इसके अलावा जिन तीस द्वीपों की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का सुझाव दिया गया है,उनमें गुजरात ,अंडमान और लक्ष्यद्वीप के पांच-पांच द्वीप, पश्चिम बंगाल के तीन और महाराष्ट्र और तमिलनाडु के एक-एक द्वीप हैं।

खुफिया रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी इन स्थानो को हाइड आउट्स के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। खुफिया एजेंसी के पीपीटी में उठायी गयी आशंकाओं के बाद सरकार ने तटीय सुरक्षा के लिए बनाये गये 'स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर'को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये हैं।  यह प्रोसीजर 26/11 के आतंकी हमलों के बाद बनाये गये थे।  उल्लेखनीय है कि पिछले साल गृह मंत्रालय की स्टेंडिंग कमेटी ने भी कोस्टल सिक्योरिटी को लेकर रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में भी बंदरगाहो की सुरक्षा पर सवाल उठाये थे और आतंकी हमलो की आशंका जतायी थी।