'झेलम नदी के सलमाबाद नाले से उड़ी तक पहुंचे थे आतंकी'

नई दिल्ली (18 सितंबर): उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में रविवार सुबह भारी मात्रा में हथियारों से लैस आतंकियों ने सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला कर दिया। इस हमले में सेना के 17 जवान शहीद हो गए, जबकि करीब 19 अन्य जवान घायल हुए हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह आतंकियों ने सेना के मुख्यालय को निशाना बनाया।

- सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीओके से निकलकर 4 आतंकी सलमाबाद नाले (झेलम नदी) के रास्ते उड़ी सेक्टर में पहुंचे । आतंकियों के पास भारी मात्रा में असलहा और ग्रेनेड मौजूद थे। इस बार भी आतंकियों ने पठानकोट हमले के तर्ज पर हमला करने की प्लानिंग की थी। पठानकोट में भी आतंकी नालों के रास्ते घुसपैठ करके भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे।

- सुबह करीब सवा पांच बजे आतंकियों ने उड़ी की आर्मी यूनिट में स्थित प्रशासनिक बेस कैंप के पिछले हिस्से पर पहला हमला बोला। कुछ ऐसे ही जनवरी में पठानकोट स्थित एयरफोर्स बेस पर हमला किया गया था। वहां भी सुबह के वक्त ही आतंकी एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हुए थे। उड़ी में भी आतंकियों का दस्ता आत्मघाटी था, जिसका मकसद सेना को ज्यादा से ज्यादा नुकसाना पहुंचाना था।

- उड़ी के प्रशासनिक बेस की इस इमारत में सेना की अलग अलग यूनिट के जवान थे, इनमें कुछ अपनी ड्यूटी बदल रहे । वहीं डोगरा रेजीमेंट के कई जवान इमारत के पास के तंबुओं में सो रहे थे, जो कि पिछली रात अपनी ड्यूटी पूरी करके वापस लौटे थे।