कश्मीर: सेना ने आतंकी की पत्नी से कराई सरेंडर की अपील, नहीं माना, मारा गया

जम्मू(10 मार्च): कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने गुरुवार को दो लश्कर आतंकियों को एनकाउंटर के दौरान मार गिराया। इससे पहले सेना ने दोनों को सरेंडर करने का मौका दिया। कई अपील भी कीं। इतना ही नहीं एक आतंकी की पत्नी को भी मौके पर बुलाकर उससे भी हथियार छोड़ सरेंडर करने की अपील करवाई गई। लेकिन वह नहीं माना।

- बता दें कि पिछले तीन दिनों में यह दूसरा मामला है। लखनऊ एनकाउंटर में भी यूपी पुलिस ने संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को सरेंडर करने की अपील की थी। इतना नहीं उसकी फोन पर उसके भाई से भी बात कराई गई थी, लेकिन वह भी नहीं माना था।

- दरअसल बुधवार देर रात सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि पुलवामा के गांव पदगामपोरा में दो लश्कर आतंकी एक मकान में छिपे हुए हैं। फोर्सेस की टीम ने रात को ही गांव को घेर लिया। सुबह सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन शुरू किया। दोनों तरफ से फायरिंग हुई।

- इस एनकाउंटर के दौरान इलाके के प्रदर्शनकारी घरों से बाहर निकल आए। सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया।

- लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शफीक शेरगुजारी के सरेंडर के लिए आर्मी उसके परिवारवालों को एनकाउंटर वाली जगह तक लेकर आई। इनकी आतंकियों की मदद करके उन्हें भगाने की कोशिश थी। आर्मी ने भी जवाबी कार्रवाई में लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई है, जबकि 13 जख्मी हो गए।

- शफीक की 25 साल की वाइफ दिलशादा को आर्मी ने यह भरोसा दिलाया था कि अगर वह सरेंडर कर देगा तो उसको कुछ नहीं होगा।

- इसी मकसद से दिलशादा ने लाउडस्पीकर पर अपने पति से अपील की कि वह सरेंडर कर दे। लेकिन वह बाहर नहीं आया और 

रुक-रुककर फायरिंग करता रहा।

- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिलशादा की अपील का भी जब उस पर कोई असर नहीं हुआ तो सेना ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। शफीक मारा गया।

- मारे गए दूसरे आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के जहांगीर अहमद गनी के रुप में की गई है।