आतंकियों को मिली थी पाक एयरबेस पर ट्रेनिंग, 3 ट्रेनर्स की हुई पहचान

नई दिल्ली (6 जनवरी): इंटेलिजेंस एजेंसियों के दावे ने पठानकोट हमले में पाकिस्तान कनेक्शन के होने के संकेत दिए हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों का दावा है कि हमला करने वाले आतंकियों का पहले पाकिस्तान के एक एयरबेस पर कई बार मॉक ड्रिल हुई थी। इन्हें लंबे समय तक लड़ने के लिए ट्रेंड किया गया था। इसके लिए इन्हें टैबलेट्स भी दिए गए थे। आतंकियों के तीन पाकिस्तानी ट्रेनर्स की भी पहचान हो चुकी है।

इंटेलिजेंस एजेंसियों के अनुसार आतंकियों ने पठानकोट में जैसे हमला किया उससे यह जाहिर होता है कि उन्हें पूरी तरीके से ट्रेंड किया गया था। उन्हें वो सभी जानकारी दी गई थी जिससे उन्हें एयरबेस की सुरक्षा को तोड़ने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े।

आतंकियों ने अंडर बैरल गन का इस्तेमाल किया जो कि मोर्टार से धमाके करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यही नहीं उन्हें फिदायीन हमले का प्रशिक्षण दिया गया था। इससे पता चलता है कि इन्हें पाक मिलिट्री और आईएसआई का सपोर्ट था। काउन्टर टेरर ऑफिशियल के मुताबिक, ''आतंकियों की डेड बॉडी से दवाएं मिली हैं। वे सभी पाकिस्तान में बनी हैं। भारत में ऐसी दवाएं नहीं मिलती।''

बता दें कि पठानकोट में सर्च ऑपरेशन खत्म हो चुका है लेकिन कॉबिंग ऑपरेशन अभी जारी है। यह तीन से चार दिन तक चल सकता है।