आतंकवादियों के खिलाफ मोदी सरकार ने उठाया कड़ा कदम!

नई दिल्ली(13 अगस्त): मोदी सरकार अंडरकवर ऑपरेशनों को सुरक्षा देने के लिए आतंक-रोधी कानूनों को सख्त करने पर विचार कर रही है। ये बात खुद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कही।

-राजनाथ ने यह बात शुक्रवार को 'नैशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी' को दिए भाषण में कही। इन कॉन्फ्रेंस का आयोजन ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट (BPR&D) ने किया था।

- इस कॉन्फ्रेंस में गृह मंत्री ने कहा, 'हमारी सरकार आंतिकयों को दंडित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। हम अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) ऐक्ट और NIA ऐक्ट को मजबूत बनाने पर विचार कर रहे हैं। हम आतंकवाद से लड़ने के लिए अंडरकवर ऑपरेशनों को कानूनी सुरक्षा देने, खुफिया जानकारियों को सबूतों के तौर पर इस्तेमाल करने और आतंकवाद से लड़ाई से जुड़े सभी मुद्दों के बारे में सोच रहे हैं।'

- गृह मंत्री ने कहा कि सरकार परस्पर कानूनी सहायता संधियों के जरिए मिले सबूतों को कानूनी मंजूरी देने पर विचार कर रही है। इसके लिए क्रिमिनल मैटर्स ऐक्ट के मामलों में मिली ऐसी सहायता पर अमल करने के बारे में सोचा जा रहा है, ताकि ऐसे सबूतों की स्वीकार्यता को लेकर कोई भी संदेह न रहे।

- राजनाथ ने आतंकवादियों द्वारा सोशल मीडिया के व्यापक इस्तेमाल पर कहा, 'इन चुनौतियों का सामना करने के लिए इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम सीईआरटी-आईएन, सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ अडवांस्ड कंप्यूटिंग सी-डेक जैसे विशेषज्ञ संगठनों की मौजूदा क्षमताओं को मजबूत किए जाने की जरूरत है।' उन्होंने देश में सभी तरह के साइबर क्राइम से निपटने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) बनाने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इससे इंटरनैशनल साइबर गैंग द्वारा की जाने वाली हैकिंग को रोकने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि जांच एजेंसियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनपर चर्चा की जा सकती है।

- इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दलितों के विकास और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार ने 2014 में शेड्यूल कास्ट ऐंड शेड्यूल ट्राइब (प्रिवेंशन ऑफ ऐट्रोसिटीज) ऐक्ट में और अपराधों को जोड़कर इसे मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों और स्थानीय पुलिस की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसा माहौल बनाया है जहां दलित समुदाय पीड़ित होने की दशा में बगैर किसी हिचकिचाहट के पुलिस से संपर्क कर सकता है।