26/11 हमला: दोषी हेडली बोला मुझे हाफिज सईद देता था निर्देश, मैं उसका समर्थक

नई दिल्ली (8 फरवरी): 26/11 आतंकी हमलों के दोषी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली की शिकागो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही शुरु हो गई है। मुंबई की विशेष अदालत में हेडली से सवाल-जवाब का सिलसिला शुरु हो गया है। हेडली ने हाफिज सईद का नाम लिया है। हेडली ने बताया कि हाफिज सईद उसे निर्देश देता था और वो उसका समर्थक है। वो लश्कर के संपर्क में था। मुंबई हमले से पहले ही लश्कर के संपर्क में था। साथ ही हेडली ने आतंकी साजिद मीर के संपर्क में होने की भी बात कही है।

हेडली ने अब तक बताया है कि उसने बताया कि मैंने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। 26/11 हमले के बाद मैं 7 मार्च 2009 को भारत आया था। तब मैंने यह विजिट लाहौर से दिल्ली का किया था। मैं 7 बार भारत सीधा पाकिस्तान से आया था और एक बार यूएई से।

साजिद ने मुझे मुंबई का जनरल वीडियो बनाने को कहा था। और कई जगहों की रेकी कर जानकारी जुटाने को बोला था। मैं लश्कर का सच्चा फॉलोअर था। बताया जाता है कि साजिद पाकिस्तान आर्मी का मेजर है और लश्कर से जुड़ा हुआ है।

हेडली की ये गवाही मुंबई हमले में कई मायनों में अहम है। हेडली की गवाही जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद और 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अबु जुंदाल के खिलाफ केस दर्ज करने में मददगार साबित होगी। इस हमले में 164 लोग मारे गए थे। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी से पूछताछ में हेडली बता चुका है कि तीन वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस हमले में अहम किरदार निभाया था। 

अमेरिकी कोर्ट उसे आतंकी हमलों की साजिश रचने और आतंकियों को मदद पहुंचाने का दोषी ठहरा चुका है। उसे 35 साल की सजा दी गई है। भारत को बीते दिनों ही उससे पूछताछ की इजाजत मिली थी। आईबीएन की रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए की जांच में हेडली ने स्वीकार किया है कि हमले को हाफिज सईद के इशारे पर अंजाम दिया गया। आईएसआई की मदद से हमले किए गए।