'पाकिस्तान से आतंक और बात-चीत एक साथ नहीं'

नई दिल्ली (5 जनवरी): बातचीत और आतंकवाद के एक साथ नहीं चलने की बात पर जोर देते हुए भारत ने  कहा कि पाकिस्तान को लक्षित हमले के जरिए भेजे गए संदेश को दुनिया भर में समर्थन मिला और इसको लेकर ‘स्पष्ट सहमति’ है कि आतंकवाद का प्रायोजन भी जघन्य अपराध है। सरकार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखने का इरादा नहीं बदला है लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ‘हिंसा के साए और गोलियों की बौछार के बीच’ बातचीत नहीं हो सकती।उसने कहा कि लक्षित हमले से यह संदेश दिया गया कि भारत निरंतर चल रहे आतंकवाद को स्वीकार नहीं करेगा। विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा,‘लक्षित हमला करने का मकसद पाकिस्तान को यह एहसास दिलाना था कि हम निरंतर चलने वाले आतंकवाद को अपने संबंध में एक आम बात की तरह स्वीकार नहीं करेंगे। संबंध को सामान्य बनाने के लिए बार बार की गई पहल से हमारा नेक इरादा जाहिर हुआ है। बहरहाल, हमने अक्सर कहा है कि बातचीत और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते।’