बंदूक नहीं बातचीत से ही सुलझेगा कश्मीर मुद्दा: महबूबा

श्रीनगर (17 जून): कश्मीर में हिंसा के बीच सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बातचीत की वकालत की। मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दिए एक बयान में कहा कि सीमा पर हमारे सैनिक मर रहे हैं। बंदूक और फौजी ताकतें किसी समस्या का हल नहीं हो सकता। बातचीत से ही मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम जानते हैं कि सीमा पर लड़ रहे हमारे जवान रोज शहीद हो रहे हैं। घाटी में इस वक्त हिंसा के हालात हैं। यह भी सच है कि आतंकी घटनाओं और हिंसा के रास्ते कभी भी मसले नहीं सुलझाए जा सकते। मुद्दों पर बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है।'

महबूबा ने कहा, '65 की जंग हुई, 71 की जंग हुई, क्या हासिल हुआ? जंग में दोनों तरफ के गरीब लोग ही मारे जाते हैं। जब तक एक साथ बैठेंगे नहीं, मुद्दों पर बात नहीं करेंगें तब तक मसले नहीं सुलझाए जा सकते। बहुत लोग कहते हैं कि स्टेट टेररिज्म हैं। ऐसा तब होता था जब गांव में एनकाउंटर होता था तो पूरे के पूरे गांव खाली हो जाते थे। लोग डरकर भाग जाते थे।' उन्होंने कहा कि आज एनकाउंटर होते हैं तो 12 साल के जवान 14 साल के लड़के एनकाउंटर करने वालों पर पत्थर फेंकने लगते हैं।