अगर आपके घर में भी लगता है दीमक के ढेर तो ना हो परेशान, उसके नीचे हो सकता है सोने का खजाना

कैनबरा(6 जनवरी): एक रिसर्च में खुलासा हुआ कि जिन जगहों पर दीमक के ढेर बराबर देखे जाते हैं वहां जमीन के नीचे सोने की खान हो सकती है। आस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं के मुताबिक जिन जगहों पर अधिक आद्रता होती है, वहां जीवाश्मों के सडऩे से सोना मिलता है। रिसर्च के मुताबिक कुछ खास इलाकों में सोने की खान का पता लगाने के लिए दीमक की मौजूदगी, बबूल के पत्तों तथा मिट्टी की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।


आस्ट्रेलियन कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च आर्गेनाइजेशन के वैज्ञानिकों ने यहां के कलगूर्ली के पास सोने की एक खदान के सैकड़ों अवसादों, मिट्टी तथा बबूल के पत्तों के नमूनों का विश्लेषण किया। इसमें यह बात सामने आई कि नमूनों में मौजूद स्वर्ण तत्व इसकी पुष्टि करते हैं कि पीली धातु आर्गेनिक कार्बन से प्रचुर इलाकों में अधिक पाई जाती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक जिन जगहों पर अधिक आद्र्रता होती है, वहां जीवाश्मों के सडऩे से सोना मिलता है। उनका यह भी कहना है कि जिन इलाकों में सोना मिल रहा है, यह इस बात की भी द्योतक हो सकता है कि वहां गहराई में खुदाई करने पर अधिक सोना मिल सकता है।

शोध से यह भी पता चलता है कि बबूल के पेड़ और दीमक बंजर जमीन में अधिक तेजी से विकसित होते हैं और अक्सर सोने की खानें ऐसी ही जगहों पर मिलती हैं। कनाडा की खनन कंपनी अंगकोर गोल्ड ने शोध रिपोर्ट की पुष्ट की है। कंपनी ने कंबोडिया के दीमक के लगभग 1,10,000 ढेरों के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों से कंपनी को सात जगह सोने, तांबे और मोलिब्डेनम जैसे धातुओं के भंडार का पता चला।


कंपनी के उपाध्यक्ष जॉन पॉल दू ने पहले ही कहा है कि दीमकों के ढेर के नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण करने से सोने के भंडार का पता लगाने में कम लागत आती है जबकि अन्य पारंपरिक तरीके जैसे ड्रिलिं महंगी है। यह शोध पत्रिका 'जियोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।