राजस्थान में बाल विवाहों के लिए सजावट नहीं करेंगे टेंट डीलर्स

जयपुर (30 अप्रैल): बाल-विवाह के खिलाफ राजस्थान में टेंट डीलर्स ने एक बेहद सराहनीय पहल की है। राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसायी समिति ने फैसला किया है कि वे बच्चों की शादियों के लिए टेंट या सजावट का सामान सप्लाई नहीं करेंगे।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे बाल विवाह का हिस्सा नहीं बन रहे हैं। वे दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता से उनके जन्म प्रमाण पत्र मांगेंगे। इसके अलावा भी अगर उन्हें पता लगता है कि वे बच्चों की शादी का एक हिस्सा बन रहे हैं। वे तुरंत ही अपने गांव, शहर में नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना देंगे।

अक्षय तृतीया (आखा तीज) से पहले अप्रैल के आखिरी हफ्ते और मई के पहले हफ्ते में लोग अपने बच्चों की शादियां करने के लिए तत्पर रहते हैं। कई कानूनों के होने के बाद भी इस तरह की शादियां हो रही हैं। चित्तौड़गढ़, डुंगरपुर, बांसबाड़ा, झुनझुनू, सिकर, चुरू और दूसरे जिलों में आखा तीज त्यौहार से पहले बच्चों की शादियां काफी जोरों शोरों से की जाती हैं। यह त्यौहार इस तरह की शादियों के लिए बेहद खास माना जाता है।

शुक्रवार शाम को एक मीटिंग में टैंट डीलर्स ने राज्य में अपने 47,000 साथियों से ऐसी शादियों में टैंट और दूसरे सामान सप्लाई ना करने की अपील की, जिनमें अगर बच्चों की शादी की जा रही हो।

राजस्थान टेंट डीलर्स किराया व्यवसायी समिति के प्रेसीडेंट रवि जिंदल ने बताया, "जब कभी भी कोई हमारे पास टेंट या सजावट का सामान बुक करवाने के लिए आएगा, हम उनसे जन्म प्रमाण पत्र के लिए पूछेंगे। जिससे यह सुनिश्चित किया जाए कि शादी, बाल-विवाह तो नहीं है। अगर कोई व्यक्ति या लोगों का समूह हमें गलत सूचनाएं देता है। तो हम तुरंत ही नजदीकी पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारियों को जरूरी हस्तक्षेप के लिए सूचना देंगे।"