मधेसियों और सरकार में दरार बढी, नेपाल में तनाव बढने की आशंका

नई दिल्ली (5जनवरी): नेपाल के तीनों बड़े राजनीतिक दलों ने मधेसी मोर्चा की मुख्य मांगों को दरकिनार कर दिया है। खास तौर  से राज्यों की सीमा के पुनर्निधारण की मांग को तो पूरी तरह से खारिज कर दिया है। 'काठमाण्डूपोस्टडॉटईकांतिपुरडॉटकॉम' में छपी खबर के मुताबिक तीनों राजनीतिक दलों और मधेसी मोर्चा के बीच दूरियां और बढ़ गयी हैं। इसके बाबजूद तीनों राजनीतिक दलों ने कहा कि वो मधेसी मोर्चा के साथ बात-चीत को जारी रखना चाहते हैं। लेकिन सीमाओं का पुनर्निधारण फिल्हाल असंभव है।

'काठमाण्डूपोस्टडॉटईकांतिपुरडॉटकॉम' ने लिखा है कि सीमाओं के पुनर्निधारण के मुद्दे पर कुछ नेता सहमत थे मगर सभी नहीं। इसलिए मधेसियों की बात को स्वीकार नहीं किया गया। इस समय नेपाल में सीपीएन-यूएमल सत्ता में है और यूसीपीएन(एम) उसका सहयोगी दल है। इसके अलावा नेपाली कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। यूसीपीएन(एम) मधेसियों की मांगों में थोड़े-बहुत संशोधन के साथ आगे बढ़ने को तैयार थे। नेपाली कांग्रेस भी यूसीपीएन(एम) के साथ सहमत बतायी जा रही है, मगर सीपीएन-यूएमल मधेसी मोर्चा की मांगों के साथ बिल्कुल भी सहमत नहीं है।