NIT श्रीनगर मामला: छात्रों से कैदियों जैसा बर्ताव, धमका रहे हैं लोग

श्रीनगर(7 अप्रैल): नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) के कैम्पस में तिरंगा फहराने वाले स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज को लेकर विवाद बढ़ गया है। इंस्टीट्यूट के बाहर और अंदर सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है।

राजस्थान के एक छात्र ने बताया कि कि हॉस्टल में घुसकर छात्रों को धमकियां दी जा रही हैं। घटना के बाद से यहा हमारे साथ अपराधियों जैसा बर्ताव हो रहा है। हॉस्टल से निकलते ही बाहरी राज्यों के छात्रों को टार्गेट बनाकर पीटा जा रहा है। साबुन से लेकर बिस्किट तक खत्म हो गया है, लेकिन कोई भी दुकनदार सामान नहीं दे रहा। पीडि़त छात्रों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी हालत बयां करनी चाही तो संस्थान ने वाईफाई बंद कर दिया। सेव एनआईटी नाम से पेज बनाया तो उसे बंद करा दिया गया। घायल छात्रों को ढंग से इलाज तक नहीं मिल पा रहा। हमारे साथ अपराधियों जैसा बर्ताव हो रहा है।

वहीं एचआरडी मिनिस्ट्री की टीम के सामने स्टूडेंट्स ने चार मांगें रखी हैं। स्मृति ईरानी ने कहा है कि किसी भी स्टूडेंट के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। उन्होंने इस मामले में सीएम महबूबा मुफ्ती से भी बात की है। 

केंद्र सरकार ने फटकारा

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग नहीं किया जाए और उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं हो। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार सभी कदम उठा रही है। 

क्या है पूरा मामला
31 मार्च को रात करीब दस बजे टी-20 विश्व कप में भारत के हारते ही कैंपस के बाहर से पाकिस्तान के समर्थन और भारत के विरोध में नारेबाजी होने लगी।कुछ देर बाद यह शोर कैंपस के अंदर से आने लगा। राजस्थान, यूपी और बिहार से आए फस्र्ट ईयर के छात्रों ने जब इसका विरोध किया तो उनके हॉस्टल पर बाहर से पत्थर बाजी होने लगी। फोन करने के बावजूद न पुलिस आई और न ही एनआईटी प्रबंधन ने हमारी सुध ली। लेकिन कुछ देर बाद कैंपस में जम्मू-कश्मीर के छात्र राजस्थान, यूपी और बिहार के छात्रों से भिड़ गए।