तांत्रिकों के गढ़ के नाम से जाने जाते हैं ये मंदिर, मां के शक्ति रूप की होती है पूजा

नई दिल्ली(27 सितंबर): देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां तांत्रिक अपनी विद्या का प्रदर्शन कर देवी-देवताओं को प्रसन्न करते हैं। इन मंदिरों में जहां एक ओर तांत्रिक तंत्र क्रियाओं का प्रयोग करते हैं, वहीं यहां भूत-प्रेतों की परेशानी से लोगों को छुटकारा दिया जाता है। 

- आइए जानें वो मंदिर, जो तांत्रिकों के गढ़ के नाम से जाने जाते हैं...

- कामाख्या मंदिर, असम: असम का कामाख्या मंदिर तांत्रिक गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस जगह पर देवी सती का योनि भाग गिरा था।

- बेताल मंदिर, ओडिशा: 8वीं सदी में बने भुवनेश्वर के इस मंदिर में देवी चामुण्डा की मूर्ति है। चामुण्डा मां काली का ही एक रूप है। इस मंदिर में तांत्रिक क्रियाएं हमेशा चलती रहती है।

- ज्वालामुखी मंदिर, हिमाचल प्रदेश: यह मंदिर अपने चमत्कार के साथ यहां होने वाली तांत्रिक क्रियाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। ज्वालादेवी के मंदिर में एक कुण्ड है, जो देखने पर उबलता दिखाई देता है लेकिन छूने पर पानी ठंडा रहता है।

- खजुराहो मंदिर, मध्य प्रदेश: खजुराहो मंदिर कलात्मक रचना और कामुक मूर्तियों के लिए जाना जाता है। लेकिन कम ही लोग जानते है कि खजुराहो तांत्रिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।

- एकलिंग मंदिर, राजस्थान: भगवान शिव को समर्पित एकलिंग जी मंदिर उदयपुर के पास है। यहां शिव की एक अनोखी और बेहद खूबसूरत चौमुखी मूर्ति है जो काले संगमरमर से बनी है।

- कालीघाट, कोलकाता: कोलकाता का कालीघाट तांत्रिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण तीर्थ है। मान्यताओं के अनुसार इस जगह पर देवी सती की उंगलियां गिरी थीं।

- बैजनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश: इस मंदिर में महादेव का प्रसिद्ध बैजनाथ शिवलिंग है। बैजनाथ मंदिर अपनी तांत्रिक क्रियाओं और यहां का पानी अपनी पाचन शक्तियों के लिए जाना जाता है।

- काल भैरव मंदिर, मध्य प्रदेश: इस मंदिर में भैरव की श्याममुखी मूर्ति है। तांत्रिक क्रियाओं के लिए ये मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। देशभर से तांत्रिक और अघोरी सिद्धि प्राप्ति लिए यहां आते है। 

- बालाजी मंदिर, राजस्थान: यह मंदिर तांत्रिक नजर से बहुत पवित्र माना जाता है। कहते है कि जिन लोगों पर प्रेत या आत्मा का साया पड़ जाता है वो यहां झाड़-फूंक के लिए आते है और हर बुरी शक्ति से मुक्ति पाते हैं।