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तेलंगाना में TRS की आंधी, चंद्रबाबू के साथ मिलकर केसीआर का रथ नहीं रोक पाई कांग्रेस

तेलंगाना विधानसभा चुनाव के अब तक के रुझानों और नतीजों में सत्ताधारी टीआरएस बंपर वापसी कर रही है। कुल 119 सीटों में से TRS 80 से ज्यादा सीटें हासिल करती दिख रही है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 दिसंबर): तेलंगाना विधानसभा चुनाव के अब तक के रुझानों और नतीजों में सत्ताधारी टीआरएस बंपर वापसी कर रही है। कुल 119 सीटों में से TRS 80 से ज्यादा सीटें हासिल करती दिख रही है।  ये आंकड़ा दो तिहाई बहुमत से भी ज्यादा है. तेलंगाना में सरकार बनाने के लिए 60 सीटें चाहिए। तेलंगाना में कांग्रेस 20 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी ने भी 2 सीट पर बढ़त बनाई है। जबकी AIMIM 6 और अन्य 2 सीटों पर आगे चल रही हैं।

तेलंगाना में पहली सीट AIMIM के खाते में गई है। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवौसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी चंद्रयानगुट्टा सीट से चुनाव जीत गए हैं। चार मीनार सीट से भी AIMIM कैंडिडेट मुमताज अहमद खान 33 हजार वोट से चुनाव जीत गए हैं। वहीं टीआरएस उम्मीदवार हरीश राव ने सिड्डीपीट सीट रिकॉर्ड 1.20 लाख वोटों से जीती हैं। वहीं वर्धानपट सीट से टीआरएस के अरूरी रमेश ने जीत दर्ज की है। इधर रुझानों से उत्साहित टीआरएस सांसद के कविता ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि तेलंगाना की जनता उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने 2014 में उन्हें जो मौका दिया था इसका उन्होंने सदुपयोग किया है और उन्हें उम्मीद है कि जनता उन्हें फिर से सत्ता में लाएगी।

वहीं विधानसभा चुनाव के रुझान के बाद से ही यहां सियासी हलचल तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के कार्यवाहक सीएम के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ओवैसी ने कहा कि केसीआर बिना किसी सपोर्ट के सीएम बनेंगे और हम उनके साथ खड़े रहेंगे। हमने किसी तरह की मांग नहीं की है, हम उनके साथ खड़े हैं न सिर्फ तेलंगाना की भलाई के लिए बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी।  

आपको बात दें कि टीआरएस ने इस बार अकेले ही चुनाव लड़ा और उसके सामने कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन था। इसमें तेलुगू देशम पार्टी और वामदल शामिल हैं। वहीं, ओवैसी ने सिर्फ हैदराबाद में ही अपने उम्मीदवार उतारे जहां उनका खासा प्रभाव है। रविवार को सियासी हलचल बढ़ाते हुए बीजेपी ने टीआरएस को सशर्त समर्थन की पेशकश की थी। बीजेपी के तेलंगाना अध्यक्ष के. लक्ष्मण ने कहा था कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भाजपा टीआरएस का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि टीआरएस को यह साफ करना होगा कि वह कांग्रेस या ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम  का समर्थन नहीं लेगी। दिलचस्प है कि केसीआर और ओवैसी आधिकारिक रूप से साथ नहीं है मगर चुनाव से पहले सार्वजनिक तौर पर दोस्ती की बात स्वीकार कर चुके हैं।

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