8 अक्टूबर को देश देखेगा #TEJAS की ताकत, स्वदेशी #FighterPlane बढ़ाएगा #PAK और चीन की चिंता

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (4 अक्टूबर): स्वदेश में निर्मित लड़ाकू विमान 'तेजस' पहली बार वायुसेना दिवस पर दिखाएगा देश को अपनी ताकत। तेजस की स्क्वॉड्रन ने 8 अक्तूबर को होने वाले एयरफोर्स-डे समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हिंडन एयरबेस पर मुख्य समारोह में विमान पहली बार हवा में कलाबाजियां करते हुए दिखाई देगा। तेजस के साथ एयरफोर्स-डे पर मिराज, जगुआर और सुखोई भी उड़ान भरेंगे। गौरतलब है कि एक जुलाई को तेजस विमान वायुसेना की 45वीं स्क्वॉड्रन ‘फ्लाइंग डैगर्स’ बना कर अधिकारिक रूप से शामिल किया गया था। वायुसेना में शामिल होने के बाद से अभी तक इसका सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं किया गया है। एयरफोर्स के पश्चिमी कमांड के पीआरओ ग्रुप कैप्टन संदीप मेहता ने बताया कि ‘फ्लाइंग डैगर्स’ एयरफोर्स-डे पर परफॉर्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है। तेजस का बेस बंगलूरू में है, मगर स्क्वॉड्रन हिंडन आकर लगातार एयर-शो की रिहर्सल में जुटी है। आइए जानते हैं क्या खासियत है तेजस की... 

- तेजस भारत द्वारा विकसित हल्का फाइटर जेट प्लेन है।  - तेजस एक सीट और एक जेट इंजन वाला लाइट कॉम्बेट एयरकाफ्ट (LAC) है। - तेजस को बनने में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिडेट (HAL) को पूरे 30 साल लगे हैं। - देश के सबसे पहले लड़ाकू विमान पर काम 1983 में शुरु हुआ था। - 4 जनवरी 2001 को तेजस ने पहली सफल उड़ान भरी।  - विमान का आधिकारिक नाम तेजस 4 मई 2003 को रखा गया। - तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका नाम रखा था। -2006 में तेजस ने पहली बार सुपरसोनिक उड़ान भरी, यानी आवाज की रफ्तार से तेज उड़ान। - इसके बाद 2009 में सरकार ने तेजस के लिए 8,000 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी। - HAL की हर साल 8 प्लेन बनाने की योजना है। - 2026 तक 120 तेजस विमानों को वायुसेना के लिए बनाया जाना है।  - तेजस की कीमत है 2.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर।  - जबकि सुखोई की कीमत है 4 करोड़ डॉलर है।

तेजस की खासियत... - राडार को भी चकमा दे देता है ये लड़ाकू विमान।  - पाकिस्तान के JF-17 Thunder को तबाह कर सकता है तेजस। - तेजस में हवा से हवा में ईंधन भरा जा सकता है। - तेजस लंबी दूरी की BVR (Beyond Visual Range) मिसाइल से लैस है। - दुश्मनों के रडार और मिसाइल को जैम करने के लिए एडवांसड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर लगा है। - तेजस की मैक्सिमम स्पीड 2200 किमी प्रति घंटा और रेंज 3200 किमी है - तेजस 8 एयर टु एयर, एयर टु सरफेस क्रूज मिसाइल ले जा सकता है। - तेजस गाइडेड वेपन, एंटी-शिप मिसाइल, क्लस्टर बम और अनगाइडेड मिसाइल शामिल हैं। - तेजस 8 टन तक के हथियारों का बोझ ढो सकता है। - तेजस में 23 एमएम की ट्विन बैरल गन है जो 220 राउंड तक मार कर सकती है। - 18 मार्च से जैसलमेर में 'आयरन फीस्ट-2016' में तेजस ने अपनी ताकत दिखाई थी।

पाकिस्तानी थंडर JF-17 से तेजस का मुकाबला... - पाकिस्तानी थंडर 2039 किमी तक उड़ान भर सकता है जबकि तेजस 2300 किमी तक। - पाकिस्तानी थंडर की ईंधन क्षमता 2300 लीटर है जबकि तेजस की क्षमता 2500 लीटर है। - पाकिस्तानी थंडर में हवा में ईंधन भरना नामुमकिन है जबकि तेजस में भरा जा सकता है। - थंडर के उड़ान भरने के लिए 600 मीटर लंबा रनवे चाहिए जबकि तेजस को 460 मीटर। - थंडर एल्यूमीनियम और स्टील से बना है जबकि तेजस में कार्बन फाइबर का बना है। - इसका मतलब तेजस पाकिस्तानी लड़ाकू विमान से कहीं ज्यादा हल्का और मजबूत है। - भारी धातु से बने थंडर को रडार से आसानी से पकड़ा जा सकता है,जबकि तेजस को नहीं।  - तेजस का डिजाइन भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार किया जबकि थंडर का डिजाइन रूस से चुराया है।