एयरफोर्स में शामिल हुआ तेजस फाइटर, तीन दशक पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

नई दिल्ली(1 जुलाई): देश में बने पहले लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LAC) तेजस को एयरफोर्स में शामिल कर लिया गया। फाइटर को IAF में शामिल करने के लिए बाकायदा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। इसमें सभी धर्मों के पुजारियों को बुलाया गया। फिलहाल 2 तेजस फाइटर एयरफोर्स के बेड़े में शामिल हुए हैं। 1986 में तब की सरकार ने देश में फाइटर बनाने के लिए 575 करोड़ सेंक्शन किए थे। फाइटर की पहली स्क्वाड्रन का नाम 'फ्लाइंग डैगर्स 45' होगा। 

तेजस अपने सभी टेस्ट सक्सेसफुली पूरे कर चुका है। ये टेस्ट एयर मार्शल जसबीर वालिया और हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) के ऑफिसर्स की देख-रेख में पूरे किए गए हैं। जसबीर वालिया, सदर्न एयरकमांड के एयर कमांडिंग ऑफिसर हैं। 

तेजस की पहली स्क्वाड्रन को 2 साल तक बेंगलुरू में ही रखा जाएगा। इसके बाद इसे तमिलनाडु के सलूर में शिफ्ट किया जाएगा। मौजूदा वक्त में एयरफोर्स के पास इस सीरीज के सिर्फ 2 एयरक्राफ्ट हैं जो कमीशन के लिए बिल्कुल तैयार हैं। एयरफोर्स को मिलने के बाद यह फ्रंटलाइन जेट्स जैसे सुखोई 30-MKI, जगुआर, मिराज-2000 की रैंक में शामिल हो जाएगा।

तीसरा एयरक्राफ्ट भी करीब-करीब तैयार है लेकिन इसे 1 जुलाई को कमीशंड नहीं किया जाएगा। बता दें कि तेजस की फाइटर स्क्वाड्रन में 16-17 जेट और एक या दो ट्रेनर्स शामिल किए जाने हैं।