लालू के बेटे तेज प्रताप के पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द करने पर कोर्ट ने लगाया स्टे

पटना (17 जून): पेट्रोल पंप लाइसेंस रद्द करने के मामले में आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे को कोर्ट से बड़ा राहत मिला है। कोर्ट ने BPCL के तेज प्रताप के पेट्रोल पंप लाइसेंस रद्द करने के आदेश पर फिलहाल स्टे लगा दिया है। पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द होने के बाद तेज प्रताप यादव ने पटना के निचली अदालत में बीपीसीएल के आदेश पर रोक लगाने के लिए अर्जी डाली थी। इसके बाद कोर्ट ने BPCL के फैसले पर फिलहाल 7 दिनों के लिए रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी।

BPCL ने पिछले दिनों तेज प्रताप यादव को 2011 में आवंटित पेट्रोल पंप के लाइसेंस को रद्द कर दिया था। BPCL का आरोप है कि तेज प्रताप ने 2011 में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने को बताया है। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने पिछले दिनों इस मुद्दे को उठाया था और आरोप लगाया था कि 2011 में जब तेज प्रताप यादव ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उस वक्त उन्होंने पटना के बाईपास इलाके में जिस जमीन को अपना बताकर आवेदन किया था। असल में वह जमीन एक शराब व्यापारी अमित कत्याल की थी। इसी को लेकर सुशील कुमार मोदी ने BPCL में शिकायत दर्ज की थी. उसके बाद BPCL ने तेज प्रताप यादव को 31 मई को नोटिस जारी कर कर उनसे 15 दिनों में जवाब मांगा था कि आखिर तुंहे पेट्रोल पंप का लाइसेंस कैसे मिला।

तेज प्रताप यादव द्वारा दिए गए BPCL के नोटिस का जवाब से असंतुष्ट होकर बीपीसीएल ने उन्हें पेट्रोल पंप का आवंटित लाइसेंस रद्द कर दिया। पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द होने के बाद तेज प्रताप यादव ने पटना के निचली अदालत में BPCL के आदेश पर रोक लगाने के लिए अर्जी डाली थी।