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कोच शास्त्री को लेकर नेहरा ने किया ये खुलासा

नई दिल्ली(30 अक्टूबर): टीम इंडिया के अऩुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा 1 नवंबर को अपना आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। नेहरा अपने घरेलू मैदान पर 20 साल लंबे सफर का अंत करेंगे।

नेहरा ने अपने करियर में कई बार चोटों का सामना किया। चोट के कारण वह कई बार भारतीय टीम से बाहर रहे। लेकिन वापसी का जज्बा हर बार उनको टीम इंडिया में जगह देता गया। 38 साल के नेहरा की गिनती आज भी फिट खिलाड़ियों में होती है।

अपने बीस साल के करियर में 163 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके नेहरा ने 12 बार ऑपरेशन के बावजूद ऊर्जा नहीं खोई और आज भी पूरी तरह से फिट हैं। उन्होंने रिटायरमेंट से ठीक पहले ये खास बातें कहीं...

1. अगले 20 साल भी रोमांच चाहता हूं उन्होंने एक नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने आखिरी मैच से पहले कहा कि मेरे 20 साल काफी रोमांचक रहे हैं। मैं बहुत जज्बाती नहीं हूं। अगले 20 साल का मुझे इंतजार है। उम्मीद है कि यह भी उतने ही रोमांचक होंगे, जितने पिछले 20 साल रहे हैं, जब मैंने 1997 में दिल्ली के लिये खेलना शुरू किया था। उन्होंने कहा यह सफर शानदार रहा। एक ही मलाल रहा। अगर मुझे इन 20 साल में कुछ बदलना हो तो जोहानिसबर्ग में 2003 विश्व कप फाइनल का दिन लेकिन यह सब किस्मत की बात है।

2. जडेजा को जीरो पर आउट करना खास रहा

दिल्ली के सोनेट क्लब से सफर का आगाज करने वाले नेहरा ने कहा कि कोटला पर मेरे पहले रणजी मैच में दिल्ली टीम में दिवंगत रमन लांबा, अजय शर्मा, अतुल वासन और रॉबिन सिंह जूनियर थे। रमन भैया और अजय भैया को देखकर मैने गेंदबाजी सीखी थी। मैं अपने पहले रणजी मैच में तीसरे गेंदबाज के रूप में उतरा और दोनों पारियों में अजय जडेजा को शून्य पर आउट किया था। उन्होंने कहा कि मेरी नजर में अजय जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट की समझ के मामले में जीनियस हैं।

 3. जानता था- बिरयानी खिचड़ी बनने वाली है... जॉन राइट के दौर में उम्दा प्रदर्शन करने वाले नेहरा ने ग्रेग चैपल के कोच रहते खराब दौर देखा और फिर गैरी कर्स्टन के दौर में वापसी की तथा आखिर में रवि शास्त्री कोच रहे। नेहरा ने कहा कि मैंने 2005 में दो सीरीज के अलावा ग्रेग चैपल के साथ ज्यादा नहीं खेला। मुझे पहली सीरीज से ही मालूम था कि ये बिरयानी खिचड़ी बनने वाली है ग्रेग के अंडर में।

4. कोहली के लिए शास्त्री को आदर्श कोच उन्होंने कहा कि गैरी बेहतरीन कोच थे। वह एमएस के साथ मैदान पर रणनीति को लेकर बात करते, लेकिन कभी एम एस के काम में दखल नहीं देते थे। मेरा वैसे अभी भी मानना है कि चैपल जूनियर्स के लिये अच्छे कोच साबित होते। विराट कोहली के लिये उन्होंने शास्त्री को आदर्श कोच बताया। उन्होंने कहा- विराट ऐसे मुकाम पर है कि उसे ज्ञान नहीं सहयोग की जरूरत है जो रवि उसे दे रहे हैं।

5. शास्त्री इसलिए हैं बेहतर कोच उन्होंने कहा कि रवि के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यदि कोई खिलाड़ी खराब दौर से जूझ रहा है तो वह उसके साथ खड़ा होते हैं। वह नेट पर भी अच्छा नहीं खेल पा रहा हो तो भी वह उसे भरोसा दिलाते हैं कि वह ब्रायन लारा जैसा बल्लेबाज है। बाहरी व्यक्ति को यह अजीब लग सकता है, लेकिन क्रिकेट को समझने वाले जानते हैं कि यह मैनेजमेंट है।

6. कोचिंग पर ये बोले नेहरा यह पूछने पर कि क्या वह भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच बनना चाहेंगे? उन्होंने कहा कि अभी कोई इरादा नहीं है। कोचिंग और कॉमेंट्री करना चाहूंगा, लेकिन भारतीय टीम की बात कर रहे हैं तो 2019 विश्व कप तक तो ऐसा कोई इरादा नहीं। फिर देखते हैं कि क्या होता है?


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