शाह का नायडू को खुला पत्र- एनडीए से अलग होने का टीडीपी का फैसला एकतरफा

 

नई दिल्ली(24 मार्च): टीडीपी के एनडीए से अलग होने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार बयान दिया है। TDP चीफ को लिखे पत्र में शाह ने फैसले पर सवाल उठाए हैं। शाह ने कहा कि एनडीए सरकार से अलग होने का उनका (चंद्रबाबू) फैसला एकतरफा और राजनीतिक भावना से प्रेरित था। शाह ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के चीफ मिनिस्टर को यह पत्र लिखा।

उन्होंने कहा, 'यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और एकतरफा है। यह एक ऐसा फैसला है जिसे विकास संबंधी चिंताओं के बजाए पूरी तरह से राजनीतिक विचारों पर आधारित माना जाएगा।' दरअसल, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज तेलुगू देशम पार्टी ने एनडीए से अलग होने का फैसला किया। अमित शाह ने इसी फैसले पर पत्र लिखकर प्रतिक्रिया दी है। 

पत्र में शाह ने अपनी पार्टी द्वारा आंध्र प्रदेश के लिए किए गए कार्यों को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा जनता के हितों को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश की जनता के विकास और खुशहाली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।' गौरतलब है कि हाल में TDP ने बीजेपी के नेतृत्ववाले NDA से अलग होने की घोषणा की थी। पार्टी के राज्यसभा में 16 सदस्य हैं। 

शाह ने लिखा है, 'आपको याद होगा कि पिछले लोकसभा और राज्यसभा चुनाव के दौरान जब आपकी पार्टी का उचित प्रतिनिधित्व नहीं था, बीजेपी ही थी जिसने अजेंडा सेट किया और यह सुनिश्चित किया कि कठिन परिश्रम करनेवाले दोनों राज्यों के तेलुगू लोगों के साथ न्याय हो।'