अमेरिकी कानून ने भारतीय दंपति से 'छीन' लिया उसका दुधमुंहा बच्चा

जयपुर(14 जनवरी): अमेरिका में एक दुधमुहें बच्चे को एक कानून ने माता-पिता से छीन लिया है। तीन महीने के उस बच्चे को मां का न ही दूध नसीब हो रहा है और न ही पिता की गोद। अब अपने नवजात बच्चे के लिए जयपुर के रहने वाले माता-पिता न्यूजर्सी में कानूनी जंग लड़ रहे हैं। माता-पिता ने अपने बच्चे को वापस दिलाने के एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक गुहार लगाई है।   

बच्चे के मां-बाप आशीष और विदिशा  कसूर केवल इतना है कि बच्चा मां की गोद से छिटक कर गिर गया और अस्पताल में भर्ती करने के बाद वह के कानून ने मां-बाप पर 'शाकिंग बेबी सिंड्रोम' लगाकर बच्चे को पालने के लिए फोस्टर पेरेंट्स  को सौप दिया है।  जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

आशीष ने इस मामले में अमेरिका में अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अगली सुनवाई 16 जनवरी को है। आशीष टाटा कंसल्टेंसी में प्रोजेक्ट मैनेजर है और न्यू जर्सी में काम करते हैे। बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए जब मां-बाप जा रहे थे तो अष्विद मां की गोद से नीचे जा गिरा और उसके सर पर चोट आई। बच्चे के गोद  से गिरने के बाद अमेरिकी क़ानून ऐसा आड़े आया कि बच्चे को दस दिन से मां का दूध भी नसीब नहीं हो पाया है। बच्‍चे के मां-बाप पर 'शाकिंग बेबी सिंड्रोम' का आरोप लगा है। यानी इलज़ाम है कि मां ने बच्चे को जान-बूझकर नीचे पटका।

जब हादसा हुआ तो बच्चे के दादा-दादी भी वही मौजूद थे। अष्विद के पास अमेरिका का पासपोर्ट है। शिशु के गिरने के बाद उसके माता-पिता और दादा-दादी उसे अस्पताल ले गए। इस अस्पताल के डॉक्‍टर डिपार्टमेंट ऑफ चाइल्ड प्रोटेक्शन एंड परमानंसी से  जुड़े थे और वहां की चाइल्ड केयर सोसाइटी का मानना है कि बच्चे को सर पर चोटें आई है। मां-बाप ने बच्चे को जानबूझकर गिराकर हानि पहुंचाई है और 'शाकिंग बेबी  सिंड्रोम' की धारा लगा बच्चे को मां-बाप से अलग कर दिया गया है।