आयकर अधिकारी अब बेनामी लॉकर्स पर कर रहे हैं कार्रवाई

नई दिल्ली ( 12 जनवरी ): नोटबंदी के बाद आयकर विभाग छापे मारकर करोड़ों के कालेधन को जब्त कर रहा था, अब उसने 'संदिग्ध' बैंक लॉकरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल, अधिकारियों को खोजों और छापे में पता चला है कि इन लॉकर्स का इस्तेमाल अवैध नकदी और आभूषण छिपाने की जगह के रूप में किया जा रहे हैं।

गौरतलब है कि सरकार की ओर से 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के नोटों को बंद किए जाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से कई बार संचालित होने वाले बैंक लॉकर्स की डिटेल आयकर अधिकारी मांग रहे हैं, खासतौर पर सहकारी बैंकों की।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि बेनामी बैंक लॉकर्स के स्वामित्व की जांच की जा रही है। दरअसल, इनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और अवैध नकदी आदि को रखने के लिए किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि इस मुहिम का मकसद कालाधन को सामने लाना है। बैंक लॉकर्स को सील नहीं किया जाएगा। बेनामी लॉकर्स वे होते हैं, जो किसी दूसरे के नाम से खोले जाते हैं और उनका संचालन कोई दूसरा व्यक्ति करता है।

बताते चलें कि बड़े पैमाने पर कैश (600 करोड़ रुपए) और आभूषणों के रूप में रखा गया सोना देशभर में की गई छापेमारी में बरामद किया गया है। अब तक 5,343 करोड़ रुपए की अघोषित आय सामने आ चुकी है। अब तक 6,000 से अधिक नोटिस उन अकाउंट होल्डर्स को भेजे जा चुके हैं, जिनके लेन-देन में संदेह नजर आया था।