मिलेगी राहत! 2.5 लाख रुपए तक डिपॉजिट पर कोई पूछताछ नहीं

नई दिल्ली (6 फरवरी): नोटबंदी के बाद लोगों ने बैंकों में काले धन को सफेद करने के लिए जो पैसे जमा किए, अब इनकम टैक्स ऐसे खातों की जांच करने में लगी हुई है। लेकिन इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि 2.5 लाख रुपए तक के डिपॉजिट पर कोई पूछताछ नहीं की जाएगी।

डिपार्टमेंट के मुताबिक, सिर्फ उन अकाउंट्स की जांच होगी, जो टैक्‍स रिटर्न से मैच नहीं करते। बिग डाटा एनालिटिक्‍स के जरिए इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने अलग-अलग डिपॉजिट स्‍क्रूटनी की हैं। एक करोड़ रुपए से ज्‍यादा के बड़े अमाउंट के ऐसे डिपॉजिट, जो पिछले साल फाइल किए गए इनकम टैक्‍स रिटर्न से मेल नहीं खाते, उनकी जांच की जाएगी।

ईमानदार लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं...

- सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेस (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने सीआईआई पोस्‍ट बजट सेमिनार में बताया- ईमानदार लोगों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। उन्‍हें किसी तरह की दिक्‍कत नहीं होगी।

- चंद्रा के मुतबाकि, “500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बैन होने के बाद बैंकों में बड़े पैमाने पर कैश डिपॉजिट कराया गया। हमने 2 लाख से 80 लाख रुपए और 80 लाख और उससे ज्यादा के डिपॉजिट का डाटा एनालसिस किया।’’

- ‘‘जैसा कि पीएम पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2.5 लाख रुपए तक के डिपॉजिट पर कोई पूछताछ नहीं होगी। इसलिए, फिलहाल इस डाटा को अलग रखा गया है।’’