इस तरह से दें किराया तो टैक्स में पा सकते हैं छूट


नई दिल्ली (11 अप्रैल): अगर आपको एचआरए मिलता है और आप किराए की रसीद भरकर टैक्स में छूट पाते हैं तो अब सावधान हो जाएं। क्योंकि इनकम टैक्स विभाग अब ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रही है, जो लोग गलत जानकारी के आधार पर टैक्स भरने से बचते आ रहे हैं।


हालांकि कुछ लोग अपने माता-पिता, पत्नी या रिश्तेदार के नाम से किराए की रसीद भरकर टैक्स में छूट लेने की कोशिश करते है, जो आपको फंसाने के लिए काफी है। वैसे आज हम आपको ऐसी जानकारी दे रहे हैं, जिसके आधार पर आप आसानी से टैक्स में छूट पाने के हकदार बन सकते हैं।


इसके लिए किराया देते वक्त सावधानियां जरूरी हैं। मसलन, जिसे किराया देते हैं, उसके साथ लीव ऐंड लाइसेंस अग्रीमेंट बनाएं और बैंकिंग चैनल्स से किराया दें। आयकर कानून की धारा 10 (13A) के तहत कोई सैलरीड टैक्सपेयर एचआरए पर टैक्स छूट का दावा कर सकता है। बशर्ते वह जहां रह रहा है, वह प्रॉपर्टी उस पर उसका मालिकाना हक नहीं हैं और वह रहने के लिए सच में किराया चुका है।


इसके साथ ही अगर नजदीकी रिश्तेदार को किराया देने के मामले में एचआरए पर टैक्स छूट का दावा खारिज हो जाता है तो बताई गई रकम को आपकी आमदनी मानी जाएगी। फिर आपको इनकम टैक्स देने में देरी की वजह से ब्याज सहित टैक्स चुकाना होगा। इतना ही नहीं, अगर आयकर अधिकारियों ने चाहा तो आमदनी छिपाने का दोषी बताकर आपसे जुर्माना भी वूसला जा सकता है।