''डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है तो टैक्स छूट दे सरकार''


नई दिल्ली (5 सितंबर):
व्यापार जगत के मुख्य संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि सरकार सही मायने में यदि देश में डिजिटल पेमेंट को प्रमोट करना चाहती है डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना चाहती है तो ग्राहकों को टैक्स छूट और अन्य लाभ देने चाहिए। 

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में सरकार के देश में डिजिटल पेमेंट को आगे बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार अपने प्रयास में तभी सफल हो सकती जब उपभोक्ताओं से लेकर दुकानदारों तक को इसके लिए प्रोत्साहन दिया जाए।

उन्होंने कहा कि डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने का खर्च ज्यादा है, इसलिए न तो ग्राहक डिजिटल पेमेंट करने को तैयार होता है, ना ही मर्चेंट भी अपने मार्जिन में से इस लागत का बोझ उठाने को तैयार होता है। 

कैट ने मंगलवार को अलायंस फॉर डिजिटल भारत (एडीबी) ने नकदीरहित, डिजिटल इंडिया की रूपरेखा के लिए अपने सुझावों के तहत ‘यूनिवर्सल एक्सेस टू इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ओपन पेमेंट सिस्टम्स’ रिपोर्ट जारी की। इस पर एक वेबसाइट भी शुरु की गई है।

खंडेलवाल ने कहा कि न केवल डिजिटल भुगतान के लिए उपभोक्ताओं का कर छूट या अन्य प्रोत्साहन दिए जाने चाहिए बल्कि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले दुकानदारों को भी प्रोत्साहन के लिए कोई अवार्ड योजना शुरु की जानी चाहिए। 

उन्होंने रूपे कार्ड की निगरानी के लिए एक अलग ऑथोरिटी के गठन का सुझाव दिया। खंडेलवाल ने कहा कि अभी एनपीसीआई डिजिटल पेमेंट प्रोसेस का नियामक भी है और साथ ही वह रूपे कार्ड की निगरानी भी करता है, जिसकी वजह से रूपे कार्ड का इतने बरसों बाद भी विस्तार नहीं हो पाया है।