जंक फूड खाने पर देना पड़ेगा 'फैट टैक्स'!

नई दिल्ली (19 जनवरी): सरकार इस बजट में जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक यानी कोक-पेप्सी आदि पर ‘फैट टैक्स’(मोटापा कर) लगा सकती है। फैट टैक्स लगाने का उद्देश्य बेतरतीब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण बढ़ते रोगों पर लगाम लगाना है। हेल्थ एक्टिविस्ट्स का मानना है कि इससे ऐसे खाद्य पदार्थों को खाने वालों की संख्या घटेगी क्योंकि इस टैक्स के बाद जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक की कीमतों में भारी इजाफा हो जाएगा।‘फैट टैक्स’ के निर्धारण के लिए सरकार ने सेक्रेटरियों का एक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप ने मीठे पेय पदार्थों और पैकेज्ड फूड्स पर सुगर, साल्ट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा के आधार पर ‘फैट टैक्स’ लगाने की सिफारिश की है।परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जनवरी, 2016 में जारी किए गए चौथे नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक पिछले 10 सालों में भारत में मोटे लोगों की संख्या दोगुनी बढ़ गई है। आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार, पुडुचेरी और सिक्कम में करीब 30 फीसदी लोग मोटापे की बीमारी से ग्रस्त हैं। 'द वाल स्ट्रीट जर्नल' में छपी खबर के मुताबिक ब्रिटिश मेडिकल जर्नल 'लांसेट' ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि 2014 में भारत में 2 करोड़ महिलाएं और करीब 98 लाख पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं।