सायरस मिस्त्री का रतन टाटा पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली (1 नवंबर): सायरस मि‍स्‍त्री और टाटा संस के बीच चल रहा वि‍वाद फिलहाल सुलझता नजर नहीं आ रहा है। सायरस मि‍स्‍त्री ने मंगलवार को बयान जारी कर पूरे माले को गलत और दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि टाटा-डोकोमो मामले की जानकारी रतन टाटा थी और पूरे मामले को टाटा के कल्‍चर और वैल्यू के हि‍साब से हैंडल कि‍या गया। 

सायरस मि‍स्‍त्री ने बयान जारी कर कहा कि... - टाटा-डोकोमो डील पर सभी फैसले टाटा संस बोर्ड के अप्रूवल के बाद लि‍ए गए - पूरे मामले पर सभी लोगों ने मि‍लकर फैसले लिए गए थे - टाटा-डोकोमो डील टाटा के कल्‍चर और वैल्‍यू के हि‍साब हुआ - टाटा संस बोर्ड में कई बार डोकोमो के हालात पर चर्चा कर फैसले लिए गए

क्या है पूरा मामला...

- 2010 में जापानी कंपनी डोकोमो ने टाटा टेलीकॉम कंपनी में हिस्‍सेदारी खरीदी थी, लेकिन कॉम्पिटीटर्स की तुलना में ग्राहक बेस तेजी से नहीं बढ़ने के कारण 2014 में इससे हटने का फैसला लिया। - डोकोमो ने टाटा से खरीददार ढूढ़ने के लिए कहा। खरीददार ढूढ़ने में नाकाम रहने पर टाटा ने डोकोमो को शेयर खरीदने का प्रस्‍ताव दिया, लेकिन रिजर्व बैंक ने इसकी इजाजत नहीं दी। - इंटरनेशनल कोर्ट ने टाटा को डोकोमो को हर्जाने के तौर पर 1.2 अरब डॉलर देने का आदेश दिया।