तंजानियन स्टूडेंट अटैक: दो पुलिसकर्मी सस्पैंड, उच्चायुक्त ने सरकार के कदम पर जताया भरोसा

नई दिल्ली (6 फरवरी): तंजानिया के भारत में उच्चायुक्त जॉन डब्ल्यू एच किजाज़ी ने भारत में रहने वाले तंजानियन छात्रों को स्थानीय समुदाय, उनके कानून और नेताओं का सम्मान करने के लिए कहा है। इसके अलावा उन्होंने बैंग्लुरु में हुए एक घातक सड़क दुर्घटना के बाद तंजानिया की छात्रा पर भीड़ की तरफ से जो हमला किया गया। उसपर हुए विवाद के बाद पुलिसकर्मियों को सस्पैंड किए जाने के कदम पर अपना भरोसा जताया है। 

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, किजाज़ी ने अपने देश से आए लोगों से कहा, "देश के कानून का पालन करिए। स्थानीय लोगों के साथ समरसता के साथ रहिए और राज्य के नेतृत्व का सम्मान करें। स्थानीय समुदायों के नेतृत्व का भी सम्मान करें।" विदेश मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर किजाज़ी ने शुक्रवार को कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर और पुलिस अधिकारियों के साथ मुलाकात की।

मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी पार्थसतपदी ने बताया कि मंत्रालय उच्चायोग को राज्य सरकार के साथ उनकी बातचीत में मदद की है। सोलादेवनाहाल्ली पुलिस थाने के इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मियों को सस्पैंड कर दिया। बैंग्लुरु सिटी पुलिस कमिश्नर एनएस मेघारिख ने शुक्रवार उन्हें ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पैंड कर दिया। जिस वजह से वह भीड़ के तंजानियन छात्रा पर हमले के दौरान और इसके बाद असरदार ढ़ंग से काम ना कर पाने के आरोप भी लगे।

पुलिस इंस्पेक्टर जी प्रवीन बाबू ने 31 जनवरी को भीड़ के हाथों तंजानियन छात्रा की कार में आग लगाए जाने के बाद एक मामला दर्ज किया था। लेकिन मामले में जांच नहीं की। कमिश्नर ने बताया, कि कॉन्सटेबल मंजूनाथ जो उस वक्त घटना स्थल पर मोटर साइकिल से मौजूद था, उसने मामले को वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट नहीं किया।

गौरतलब है, तंजानिया की एक छात्रा और उसका एक पुरुष दोस्त पर भीड़ ने हमला कर दिया था। यह हादसा एक सूडानी छात्र के चलाई जाने वाली कार से हुआ था। जिसमें 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। यह महिला एक स्थानीय निवासी थी। यह दुर्घटना सोलादेवनाहाली इलाके में हई थी।