बाबा ने दिया लालू को श्राप, तुझे घमंड है...तू मिट्टी में मिल जाएगा

नई दिल्ली(9 जुलाई): राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर इन दिनों सीबीआई और ईडी की सख्ती चल रही है। लालू इस समय बुरे दौर से गुजर रहे हैं। बीते दो दिनों में उनके और उनकी बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे पड़े। अगर कहा जाए लालू बुरे दौर से गुजर रहे हैं तो गलत नहीं होगा। ऐसे में आज गुरु पुर्णिमा के मौके पर हम आपको लालू यादव के उस बाबा से मुलाकात कराने जा रहे हैं जिनपर वह विश्वास करते हैं।

लालू को उनके तांत्रिक गुरू विभूति नारायण उर्फ 'पगला बाबा' ने एक बार उन्हें श्राप दिया था।

- उन्होंने अपने मिर्जापुर के आश्रम में लालू से कहा था कि लालू तुझे घमंड है कि तू बहुत बड़ा पुरोधा है। तू मिट्टी में मिल जाएगा।

- बिहार विधानसभा से पहले 27 जुलाई 2013 को लालू यूपी के मिर्जापुर में बाबा के पास पहुंचे थे।

- ये बाबा उनके तांत्रिक गुरू थे। कहा जाता है कि पगला बाबा से लालू का रिश्ता बहुत पुराना है।

- कई मौके पर पगला बाबा ने लालू और उनकी फैमिली के लिए अनुष्ठान किया जिसका फायदा लालू को मिला।

- चुनाव से पहले लालू ने सत्ता में वापसी के लिए गुप्त तंत्र अनुष्ठान 'पगला बाबा' से ही कराया था।

- पगला बाबा ने लालू को तंत्र पूजा के बाद आश्रम में बने कटघरे में भी परिक्रमा करवाया था और उन्हें तप करने को कहा था।

- पगला बाबा को औघड़ बताया जाता है। कहा जाता है कि औघड़ बाबा का श्राप आशीर्वाद होता है।

- अनुष्ठान के दौरान ही बाबा ने लालू के बेहतर दिन की वापसी के लिए उन्हें श्राप दिया था।

- बाबा ने चीख-चीख कर श्राप दिया, 'लालू तुझे घमंड है कि तू बहुत बड़ा पुरोधा है। तू मिट्टी में मिल जाएगा।'

- इससे पहले भी लालू ने साल 2011 में भी पगला बाबा के यहां पहुंचकर अनुष्ठान कराया था।

- अनुष्ठान के बाद खुद लालू ने कहा था कि बाबाजी ने बचपन में मेरे जीवन की रक्षा तब की थी जब परिजनों और डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी।

- बता दें कि पगला बाबा तंत्र साधक थे। वह अटपटे कार्यो के लिए फेमस थे। उनके बारे में कहा जाता था कि वह किसी की नहीं सुनते थे।

- भक्तों के दुःख गाली देकर और उनको डंडे से पीटकर भगाते थे। उनके शिष्यों की माने तो उनकी आयु लगभग साढ़े चार सौ साल की थी।

- उनके करीबी भक्त कहते हैं कि जैसे ही उनको याद करते थे भले ही हजार किलोमीटर दूर ही क्यों न हो, बाबा के प्रत्यक्ष दर्शन हो जाते थे।

- इसी साल 14 अप्रैल को पगला बाबा ने विंध्याचल के आश्रम में आखिरी सांस ली थी।

पहली बार सीएम बनने पर की थी बाबा से मुलाकात...

लालू जब मार्च 1990 में जब पहली बार बिहार के सीएम बने थे उसके बाद से उनका विश्वास तांत्रिक पगला बाबा में और बढ गया। 1990 चारा घोटाला में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आरजेडी चीफ मिर्जापुर में बाबा से मुलाकात की। लालू ने बकायदा आश्रम में 2 घंटे पूजा की। इतना ही नहीं उन्होंने पत्नी राबड़ी देवी को भी फोन के जरिए बाबा से आशीर्वाद दिलाया। 

जानकारी के मुताबिक ये बाबा लालू को विरोधियों से बचाते थे। लालू ने आश्रम में बाबा से मुलाकात के बाद कहा था कि बाबा को पता है कौन मुझपर हमला करेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया था कि उनको कुछ भी नहीं होगा। पगला बाबा के नाम से मशहूर बिबुती नारायण ने कहा था कि लालू काफी समय से उनके भक्त हैं। लालू मेरे लिए बेटे की तरह हैं। लालू ने अक्टूबर 2011 में पगला बाबा आश्रम में पूजापाठ किया था।