माता के इस मंदिर पर पाक ने गिराए थे 450 बम, फिर भी नहीं आई कोई आंच

नई दिल्ली (27 सितंबर): माता के कई मंदिर हैं और उनकी शक्ति अपरंपार है। लेकिन मां के इस मंदिर में आलम कुछ और ही है। यह मंदिर इसलिए ज्यादा अहमियत रखता है, क्योंकि यहां विराजी माता भारत की सरहद और सैनिकों की रक्षा करती हैं। हम बात कर रहे हैं जैसलमेर से करीब 115 किमी दूर भारत-पाक सीमा पर स्थित तनोट राय माता मंदिर की।

यह मंदिर छठी शताब्‍दी में महारावल तन्‍नु ने बनवाया था। आजादी के बाद 1965 और 1971 में पाकिस्‍तान ने इस क्षेत्र में बमबारी की लेकिन मंदिर और वहां मौजूद सैनिकों का बाल भी बांका न हुआ।

बताते हैं कि तब पाकिस्तानी सेना ने कुल 3000 बम गिराए थे। इनमें से 450 बम इस मंदिर के परिसर में गिरे थे, लेकिन एक भी नहीं फटा। अब इन बमों को मंदिर परिसर में बने म्यूजियम में रखा गया है। यही कारण है कि पाकिस्तान की सेना भी इस मंदिर से दूर ही रहती है। तनोट माता बीएसएफ जवानों की आराध्‍य देवी मानी जाती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, तनोट माता पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज माता का स्वरूप हैं। यह मंदिर 1200 साल पुराना है।