तूतीकोरिन मामले पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर वार, पूछे 11 सवाल

नई दिल्ली ( 24 मई ): तमिलनाडु के तूतीकोरिन फायरिंग पर राजनीति तेज हो गई है। अब तक प्रदर्शन में 13 लोगों को मौत हो चुकी है। इस बीच कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। साथ ही तूतीकोरिन पर 11 सवाल पूछे हैं। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तूतीकोरिन पर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।सिंघवी ने कहा कि तूतीकोरिन की घटना ने देश पर धब्बा लगाया है। प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मौत के घाट उतारा गया है। ये केंद्र सरकार, राज्य सरकार और कंपनी की मिलीभगत और पुलिस की बर्बरता का उदाहरण है। मोदी सरकार लोगों से इस पर माफी मांगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कांग्रेस के 11 सवाल1. मुखर और प्रखर प्रधानमंत्री तूतीकोरिन मामले पर अब तक चुप्पी क्यों साधे बैठे हैं?2. प्रधानमंत्री ट्विटर पर मुखर रहते हैं, फिटनेस पर उत्तर देते हैं, लेकिन किसान और महिला सुरक्षा पर चुप रहते हैं। उसी तरह इस मुद्दे पर भी चुप हैं। सिंघवी ने कहा कि यह ट्रेडमिल जैसी सरकार है जो भाग तो है, लेकिन कहीं पहुंच नहीं रही है।3. नियम को क्यों बदला गया। 2013 में यूपीए ने कानून बदला था कि जनता से बातचीत सरकार की अनुमति में निहित है, लेकिन दिसम्बर 2014 में एनडीए सरकार ने कानून बदल दिया। इसमें लोगों से बातचीत को हटा दिया गया। ये नहीं बताया गया कि नियम क्यों बदले गए?4. 11 लोगों की मौत के बावजूद अब तक एक भी व्यक्ति निलंबित नहीं किया गया। तबादले हुए हैं, लेकिन किसी को भी निलंबित क्यों नहीं किया गया?5. तूतीकोरिन गोलीकांड में न्यायिक जांच का एलान तो हुआ है, लेकिन इस जांच की समय-सीमा नहीं बताई गई है। क्यों?6. महाराष्ट्र ने इस प्रोजेक्ट को हटा दिया, फिर इसे तमिलनाडु में लाया गया। प्रोजेक्ट को तमिलनाडु में स्थानांतरित करने की किसने अनुमति दी।7. प्रोजेक्ट को मन्नार की खाड़ी से 25 किलोमीटर दूर होना चाहिए था, लेकिन इसका उल्लंघन हुआ। कैसे?8. मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने अब तक मौके का दौरा क्यों नहीं किया?9. प्रधानमंत्री बताएं कि क्या मुख्यमंत्री को पद से नहीं हटाना चाहिए? क्या प्रधानमंत्री को लगता है कि मुख्यमंत्री अपने पद पर बने रहने के लिए 'फिट' हैं?10. वह क्षेत्र आतंकवाद से प्रभावित नहीं है। ऐसे में वहां गोली चलाने से पहले किसी विकल्प का प्रयोग क्यों नहीं किया गया? फायरिंग का आदेश किसने दिया और क्यों?11. 100 दिनों से आंदोलन चल रहा था। घटना वाले दिन 22 मई को उग्र आंदोलन की पूर्व चेतावनी थी। फिर प्रशासन की पहले से तैयारी क्यों नहीं थी। फिर ये क्यों होने दिया गया?इन 11 सवालों के बाद सिंघवी ने कहा कि हम सब इन प्रश्नों का तथ्यों के आधार पर और ठोस उत्तर चाहते हैं। तमिलनाडु सरकार ने हर प्रकार से शासन करने का हक गंवा दिया है। उसने जीवन का हक छीन लिया है।