भारी हंगामे के बाद पलनीसामी ने जीता विश्वास मत

नई दिल्ली(18 फरवरी): तमिलनाडु विधानसभा में भारी हंगामे के बाद सीएम ई. पलनिसामी ने बहुमत साबित कर दिया है। सीएम के पक्ष में 122 वोट पड़े और 11 लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया। बता दें कि वोटिंग के दौरान विपक्ष सदन में मौजूद नहीं था।

विधानसभा में हुआ था भारी हंगामा...

- गुप्त मतदान की मांग को लेकर विधानसभा के अंदर मेज, कुर्सियां और माइक तोड़ दिए गए। यही नहीं इस दौरान जमकर हाथापाई भी हुई, जिसमें विधानसभा का एक कर्मचारी घायल हो गया।

- इस हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले एक और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। शशिकला धड़े के विधायकों को छोड़कर एकजुट हुए सभी विपक्षी सदस्यों ने सीक्रिट वोटिंग के जरिए फैसला करने की मांग की थी। स्पीकर ने इस मांग को खारिज कर दिया, जिस पर डीएमके और बाकी विपक्षी विधायक भड़क गए।

- हंगामा करते हुए विधायक सदन के वेल तक पहुंच गए। सीक्रिट वोटिंग की मांग कर रहे डीएमके विधायक कागज फाड़ने लगे। वे सदन में रखी कुर्सियां फेंकने लगे और माइक्रोफोन तोड़ डाले। डीएमके के विधायक पी अलादि अरुन बेंच पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे।

- कुछ विधायक स्पीकर का घेराव करने लगे। डीएमके विधायक कू का सेल्वम तो विरोध जताते हुए स्पीकर की कुर्सी पर ही बैठ गए। इसके बाद, पुलिस को अंदर बुलाना पड़ा। स्पीकर को सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में बाहर ले जाया गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पीकर से धक्कामुक्की भी की गई और उनके सामने रखी कुर्सी तोड़ दी गई। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही एक बजे तक स्थगित कर दी गई।

-विश्वास मत प्रस्ताव पर डिविजन ऑफ वोटिंग के जरिए फैसला किया गया। सदन को छह ब्लॉक में बांटकर वोटिंग करवाने का फैसला किया गया। वोटिंग से पहले सदन के सभी दरवाजे बंद करवा दिए गए। सदन की कार्यवाही का लाइव टेलिकास्ट भी नहीं किया गया। यहां तक कि सदन में मौजूद पत्रकार भी कार्यवाही के अपडेट्स न देख पाए और न सुन पाए। प्रेस ब्रीफिंग रूम में लगे स्पीकर बंद कर दिए गए। यहां तक कि स्क्रीन पर भी रुक-रुक कर फीड्स दिखाए गए।