चाय बेचकर सीएम की कुर्सी पर पहुंचे पन्नीरसेल्वम, शशिकला के करीबी ने कराई थी जयललिता से मुलकात

नई दिल्ली(6 दिसंबर): जयललिता के निधन के दो घंटे बाद तमिलनाडु के सीएम की शपथ लेने वाले ओ. पन्नीरसेल्वम राज्य के 20वें मुख्यमंत्री हैं। जयललिता कैबिनेट में वो फाइनेंस मिनिस्टर थे। वे बोदिया कुन्नूर सीट से विधायक हैं। उन्हें जयललिता का सबसे करीबी माना जाता था। 

- खास बात ये कि पन्नीरसेल्वम पहली बार शशिकला के रिश्तेदार टीटीके दिनाकरन के जरिए जयललिता से मिले थे। राजनीति में उन्हें ओपीएस के नाम से जाना जाता है। सेल्वम भी पीएम मोदी की तरह चाय बेच चुके हैं।

- 2001 में तांसी जमीन घोटाले के मामले में सजा पाने वाली जयललिता ने तब विधायक रहे पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बना दिया था। कुल मिलाकर वे दो बार तमिलनाडु के सीएम रहे। हालांकि, जया के करीबी होने की एक बड़ी सियासी वजह भी थी।

- दरअसल, सेल्वम थेवर कम्युनिटी से आते हैं। इस कम्युनिटी का राज्य में काफी प्रभाव है। जया ने इस कम्युनिटी के वोट बैंक को सेल्वम के जरिए काफी वक्त तक कैश भी किया था। खास तौर पर पिछले दो विधानसभा चुनाव में थेवर समुदाय का करीब 70 फीसदी वोट जया की पार्टी को गया। 

- पॉलिटिक्स में आने से पहले पन्नीरसेल्वम खेती करते थे। वे तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका भी निभा चुके हैं। छोटा सपना लेकिन सबसे बड़ी पोस्ट

- कहा जाता है कि राजनीति में पन्नीरसेल्वम का सपना सिर्फ पेरियाकुलम नगरपालिका के प्रेसिडेंट बनने का था। वे इसी इलाके से आते हैं। 

- उनका सपना बहुत छोटा था, लेकिन उनको मिला बहुत कुछ। इसकी वजह ये रही कि वो बहुत धैर्य रखने वाले शख्स माने जाते हैं। 23 साल से वे राजनीति में हैं। 

- जया उन्हें जो भी काम देतीं, वो पूरी मेहनत से उसे पूरा करते। यही वजह है कि वो जया के सबसे करीबी हो गए। इससे जया के कुछ करीबी उनसे जलते भी थे। सेल्वम के भाई आज भी पेरियाकुलम में चाय की दुकान चलाते हैं।