ख़बरदार! 'अम्मा' को नाम से पुकारा तो...

चेन्नई (25 जुलाई) :  नाम में क्या रखा है?  शेक्सपीयर बेशक ये कह गए हों लेकिन तमिलनाडु में नाम ही सब कुछ है। और अगर वो नाम 'अम्मा' यानी मुख्यमंत्री जयललिता का हो तो। तमिलनाडु विधानसभा में जयललिता के नाम को लेकर ऐसा ही कुछ देखने को मिला। यहां तक कि सोमवार को विधानसभा में वॉकआउट भी हुआ।

ये सब शुरू हुआ जब विधानसभा में एआईडीएमके के विधायक पी एम नरसिमन ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि को बजट चर्चा के दौरान उनका नाम लेकर संबोधित किया। इस पर तत्काल डीएमके के सभी सदस्यों ने डीएमके प्रमुख को नाम लेकर बुलाए जाने पर ऐतराज़ किया। उन्होंने स्पीकर पी धनपाल से पूछा कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का इस तरह नाम लिए जाना सही है। इस पर स्पीकर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लिए जाने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।

इस पर डीएमके सदस्यों ने पूछा कि क्या वो भी मुख्यमंत्री जे जयललिता को उनका नाम लेकर बुला सकते हैं। इस पर स्पीकर धनपाल ने कहा, "कोई मुख्यमंत्री को नाम से नहीं बुला सकता, ये मेरा आदेश है।"  

स्पीकर के ये कहने पर डीएमके के सारे विधायक विरोध जताते हुए वॉकआउट कर गए। बाद में ड़ीएमके नेता और करुणानिधि के बेटे एम स्टालिन ने कहा कि ऐसा किसी नियम में नहीं लिखा कि मुख्यमंत्री को उसके नाम से नहीं बुलाया जा सकता। उन्होंने स्पीकर पर मनमानी का आरोप लगाया।