तमिलनाडु: संकट में सरकार, राज्यपाल के अभिभाषण का DMK ने किया बहिष्कार

नई दिल्ली ( 8 जनवरी ): तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सोमवार को पहली बार राज्य विधानसभा को संबोधित किया। राज्य सरकार के शीतकालीन सत्र के दौरान हुए राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्षी दल डीएमके के विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक आउट किया।

विपक्षी पार्टी डीएमके ने कहा कि तमिलनाडु सरकार अल्पमत में है और राज्यपाल को विधानसभा को संबोधित करने से पहले यह जानना चाहिए।   राज्यपाल के भाषण शुरु करते ही विपक्ष के नेता एम के स्टालिन खडे हुए और कुछ मुद्दों को उठाने की कोशिश की।  

इसके बाद डीएमके के तमाम विधायकों ने स्टालिन के समर्थन में कहा कि राज्यपाल उन्हें सदन में बोलने की अनुमति दें। इसके कुछ ही देर बाद डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष के नेतृत्व में उनकी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वॉक आउट किया।

राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित दिल्ली में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मुलाकात करेंगे।

विपक्ष के नेता एम के स्टालिन स्टालिन ने बाद में विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि श्री पुरोहित मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी को विश्वास मत हासिल करने का निर्देश देने की बजाय सत्ताधारी अन्ना द्रमुक द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण को पढ़ रहे हैं, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि ‘अल्पमत’ की सरकार जिसके पास सिर्फ 111 विधायकों का समर्थन हासिल है उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।