नेपाली राजनीतिक दलों में एक राय नहीं, मधेसी मोर्चा से वार्ता विफल

नई दिल्ली (4 जनवरी): नेपाल की तीन बड़े राजनीतिक दल नेपाली कॉंग्रेस, यूसीपीएन(एम) और सीपीएन-यूएमल के साथ संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा की सामझौता वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकला। यह बैठक नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के सरकारी आवास पर आयोजित की गयी थी।

मधेसी मोर्चा के उपाध्यक्ष ह्रदयेश त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि 'यह वार्ता भी पहले की वार्ताओँ की तरह महज औपचारिकता भर थी। उन्होंने कहा राज्य निर्धारण के मुददे पर तीनों पार्टियों में एक राय नहीं थी'। मधेस मोर्चा की तरफ से आये प्रतिनिधियों में मधेस सद्भावना पार्टी के प्रतिनिधि शामिल नहीं थे। ऐसा समझा जा रहा है कि मधेस सद्भावना पार्टी ने संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा से अलग अपना आंदोलन चलाने का फैसला किया है।

हालांकि दिल्ली के पास गुडग़ांव के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे मधेस सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने इस बात का सख्ती से खंडन किया कि नेपाल में नए संविधान के प्रावधानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे चार दलों के संयुक्त लोकतांत्रिक मधेस मोर्चे में फूट पड़ गई है। महतो ने कहा, हम सब एक हैं और हमारा संघर्ष ऐतिहासिक है। हम अपना लक्ष्य हासिल करेंगे। पिछले 26 दिसम्बर को विराटनगर में पुलिस के साथ संघर्ष में महतो घायल हो गये थे।