पत्नी की नाक काटने वाले अफ़गान को ढूंढ रहा है तालिबान

नई दिल्ली (23 जनवरी): अफगान तालिबान ने बुधवार को कहा कि वह उस शख्स की तलाश कर रहे हैं, जिसने हाल ही में अपनी पत्नी की नाक काट ली थी। अफगान तालिबान ने पीड़ित महिला की तस्वीर ऑनलाइन जारी होने के बाद दुनिया भर में फैली नाराजगी के बाद इस हमले को 'गैर-इस्लामी' बताते हुए निंदा की है। 

पाकिस्तानी अखबार 'द डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को जेब में रखे जाने वाले चाकु से अपनी 20 वर्षीय पत्नी रेज़ा गुल पर हमला करने वाला शख्स मोहम्मद खान फरार बताया जा है। इस शख्स ने बेरहमी से उसके चेहरे को नुकसान पहुंचाया है। ये दंपति उत्तरी पश्चिमी प्रांत के घोरमाच जिले में रह रहे हैं, जो कि तालिबान के कब्जे में है। स्थानीय निवासियों ने बताया, कि ऐसा माना जा रहा था कि खान तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर चला गया था। 

तालिबान के प्रवक्ता ज़ाबीहुल्लाह मुजाहिद ने स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। जिसमें कहा गया कि खान आतंकी गुट में शामिल हो गया था। साथ ही कहा, ''हम पति की तलाश कर रहे हैं, और जानना चाहते हैं, कि किस वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।'' स्थानीय तालिबान अधिकारी नूर मोहम्मद ने इस हमले को गैर-इस्लामी करार दिया है। साथ ही कहा कि जिस गुट ने महिलाओं को अपने पांच साल के शासन के दौरान उनके कई मौलिक अधिकारों से वंचित रखा, वह इस घटना पर काफी आंदोलित है।

नूर मोहम्मद ने कहा, ''हम पति को ढ़ूंढ़ रहे हैं।'' हालांकि, हिंसक न्याय के लिए जाने जाने वाले आतंकी संगठन ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है कि वे खान के साथ उसे खोजने के बाद क्या करेंगे। गौरतलब है, यह घटना अफगानी समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाली बेरहम हिंसा का एक और ऐसा उदाहरण है। 2001 में अमेरिका की अगुवाई में तालिबान के शासन को उखाड़ फेंकने के बाद हुए सुधार के बाद भी हो रही है।

तालिबान के नियंत्रण वाले इलाकों में आतंकी संगठन अक्सर इंसाफ के मध्यस्थों के तौर पर काम करते हैं। फिलहाल अभी पी़ड़िता पत्नी अपनी दो महीने की बेटी के साथ अस्पताल में है। प्रांतीय अधिकारी उसे फारयाब में रीकन्सट्रक्टिव सर्जरी के लिए तुर्की भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं। जो कि अफगानिस्तान में उपलब्ध नहीं है।