पहले यूएन की ब्लैक लिस्ट से हटाओ, फिर होगी शांति वार्ता-तालिबान

नई दिल्ली (24 जनवरी): अफगानिस्तान तालिबान ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र पहले उसे प्रतिबंधित सूची से हटाये तभी वह शांति वार्ता में शामिल होने के मसले पर विचार करेगा। 'द काबुल टाइम्स डॉट गॉव डॉट एएफ' के में छपी खबर के अनुसार तालिबान और अफगान सरकार के बीच पिछले साल जुलाई में शांति वार्ता का पहला दौर पाकिस्तान की मेजबानी में हुआ था। दूसरे दौर की वार्ता का मामला तालिबान नेता मुल्ला मुहम्मद मुल्ला के मारे जाने की खबर का खुलासा होने के कारण खटाई में पड़ गई है। दरअसल मुल्ला मुहम्मद ने ही शांति वार्ता में शामिल होने की सहमति दी थी।

तालिबान की राजनीति शाखा के प्रतिनिधियों ने कतर में सामाजिक कार्यकर्ताओं से एक अनौपचारिक भेंट की। इसी भेंट के दौरान आतंकवादी संगठन तालिबान के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा कि उनका संगठन पहले प्रतिबंधित सूची से अपना नाम हटवाना चाहता है और तभी शांति वार्ता के अगले दौर में शामिल होने पर विचार किया जाएगा। अफगानिस्तान में जारी भयंकर संघर्ष के बीच हेलमंद प्रांत पर धीरे-धीरे तालिबान का कब्जा होता जा रहा है और आत्मघाती हमलों की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।

इन हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाने की कोशिश में अफगानिस्तान तथा उसके पड़ोसी देश शांति वार्ता को पटरी पर लाना चाहते हैं लेकिन 2014 में नाटो के अधिकतर सैनिकों के वापस लौट जाने से सशक्त हुए तालिबान के इसमें शामिल होने ही संभावनाएं काफी क्षीण मानी जा रही हैं।