तालिबान सरगना मुल्ला मंसूर की मौत पर बौखलाया पाक, अमेरिका से मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली (22 मई): अमेरिका ने कहा है अफगानिस्तान से लगती पाकिस्तान की सीमा पर आतंकियों पर किये गये हमलों में तालिबान का नेता मुल्ला मंसूर मारा गया है। अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि मंसूर को निशाना बनाकर कल अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र के एक सुदूरवर्ती इलाके में हवाई हमला किया गया था। अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि अभियान की मंजूरी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दी थी। उसने बताया कि हमले में मंसूर के साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति के भी मारे जाने की संभावना है।

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी पाकिस्तान के अहमद वाल शहर के पास दूर दराज के इलाके में मौजूद एक वाहन पर कई ड्रोन विमानों ने हमला किया। पेंटागन के प्रेस सचिव पीटर कुक ने कहा, मंसूर तालिबान का नेता और काबुल एवं समूचे अफगानिस्तान स्थित संस्थाओं के खिलाफ हमलों की साजिश रचने में सक्रिय था। इसके अलावा मुल्ला मंसूर अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांति एवं सुलह में भी बाधा बन रहा था। अमेरिका के कई शीर्ष सांसदों ने मंसूर को मार गिराए जाने के अभियान की प्रशंसा की।

सीनेटर एवं शक्तिशाली सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष जॉन मैक्केन ने कहा, मैं इस खबर का स्वागत करता हूं कि मुल्ला मंसूर को मार गिराया गया। सीनेटर एवं सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के अध्यक्ष बॉब कॉर्कर ने कहा, अगर तालिबान नेता मुल्ला अख्तर मंसूर की मौत की खबर में सच्चाई है तो यह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम जीत और अफगानिस्तान में हमारे सैन्यकर्मियों के लिए एक स्वागत योग्य खबर होगी। 

दूसरी ओर,  पाकिस्तान ने अमेरिका से अफगान तालिबान सरगना मुल्ला अख्तर मंसूर को ड्रोन हमलों से मारे जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि अमेरिका से इस बारे में जवाब मांगा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, हमने रिपोर्ट देखी हैं। हम इस बारे में स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान चाहता था कि अफगानिस्तान में लंबे समय से चली आ रही लड़ाई को खत्म कर तालिबान फिर से बातचीत की टेबल पर लौटे। जकारिया ने कहा, सैन्य कार्रवाई कोई उपाय नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रविवार को कहा था कि पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को एक दिन पहले हुए हवाई हमलों के बारे में जानकारी दी गई थी।