लड़की को बचाने के लिए बलात्कारियों से अकेले भिड़ गया ये शख्स

नई दिल्ली(26 जुलाई): ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब लोग राह चलते किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं। आम तौर पर लोग या तो तमाशबीनों की तरह सड़क किनारे हो रही किसी घटना को बस देखते रहते हैं या फिर इसे नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन चेन्नई के वसंत पॉल ने जुर्म के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया।

उन्होंने बलात्कार का शिकार होने जा रही एक लड़की को बचाया। हालांकि इस कोशिश में वह खुद काफी जख्मी हो गए, लेकिन पॉल को इस बात का कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने इस पूरी घटना को अपनी फेसबुक पोस्ट में बयां किया है। साउथ इंडियन फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘कबाली’ के रिलीज के पहले दिन पहला शो देख कर लौट रहे पॉल ने ट्रैफिक से बचने के लिए अपना रास्ता बदला और एक दूसरे रूट से जाते वक्त बीच में टॉयलेट करने के लिए रुक गए। इसी दौरान उन्हें नजदीक से किसी लड़की की मदद की आवाज सुनाई दी। हालांकि शुरू में वह इसके बारे में आश्वस्त नहीं थे कि यह किसी लड़की की ही आवाज है या उनका वहम है। लेकिन तफ्तीश करने के लिए जब वह आगे बढ़े तो उन्होंने कुछ ऐसा देखा कि उनके होश फाख्ता हो गए।

कुछ लोग मिलकर एक लड़की के साथ बलात्कार की कोशिश कर रहे थे। वह उस लड़की को निर्वस्त्र करने की कोशिश कर रहे थे। लड़की लगातार मदद के लिए गुहार कर रही थी। यह देख कर पॉल का खून खौल उठा और वह उसकी मदद करने के लिए उन अपराधियों से भिड़ने के लिए कूद पड़े। झगड़े के दौरान मुजरिमों ने रस्सी से पॉल का गला घोंटने का प्रयास किया जिसकी रगड़ पॉल घायल हो गए। लेकिन इस दौरान अपराधियों का ध्यान अपनी बंट जाने से लड़की को बच निकलने का मौका मिल गया। जब पॉल मुजरिमों से दो-दो हाथ कर रहे थे तभी एक ऑटो वाले ने यह सब देख लिया और वह उनकी मदद करने आ पहुंचा। फिर दोनों ने जमकर उन मुजरिमों की धुनाई की।पॉल ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि लड़की के साथ थाने जाने और पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की कई बार शिकायत करने पर भी उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं की। साथ ही घटनास्थल के आस-पास कहीं भी उन्हें न तो पुलिस की कोई पीसीआर वैन या कोई सुरक्षाकर्मी दिखाई दिया, जो कि कानून व्यवस्था और उसकी कार्रवाई पर सवाल उठाता है।