ताजमहल में मातृत्व को मिलेगी छांव, बनाया जाएगा ब्रेस्टफीडिंग रूम

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (25 मई): ताजमहल देश का पहला स्मारक होगा, जहां महिलाओं को स्तनपान कराने के लिए ब्रेस्टफीडिंग रूम बनाए जाएंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी वसंत कुमार स्वर्णकार ने  बताया कि सीढ़ियों के नीचे छिपकर स्तनपान कराती महिला को देखकर यह ख्याल आया है। इसके अलावा आगरा के किला और फतेहपुर सीकरी में भी ऐसी ही सुविधा दी जाएगी। स्वर्णकार के मुताबिक, बेबी फीडिंग रूम उन लाखों मांओं के लिए मददगार साबित होंगे, जो बच्चों को यहां लेकर आती हैं। स्तनपान कराना हर मां का अधिकार है। मेरा मानना है कि उनके लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। मैं उनके लिए कुछ करना चाहता हूं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में 36 हजार से अधिक स्मारकों में से ताजमहल पहला ऐसा है, जहां इस तरह की सुविधा दी जाएगी। वसंत कुमार का कहना है कि दुनिया के दूसरे स्मारक भी प्रेरणा लेंगे और ब्रेस्टफीडिंग रूम बनाएंगे। पिछले साल बेस्टफीडिंग से जुड़ा एक मामला कोलकाता में सामने आया था। पूर्वी कोलकाता के एक मॉल में बच्चे को स्तनपान कराने के लिए मां को टॉयलेट में ले जाने को कहा गया था। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई थी। नतीजन महिला ने उस मॉल के सामने धरना दिया था।

ताजमहल में बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय महिला पर्यटक भी आती हैं, जिनसे मिले फीडबैक और स्थिति को देखकर आगरा सर्किल के एएसआई अधिकारियों ने यह प्रस्ताव तैयार किया। आगरा किला में दीवान ए आम से पहले प्रवेश द्वार पर ही दांयी ओर एक सेल खाली है, यहां यह रूम बनाया जाएगा। फतेहपुर सीकरी में पंचमहल और जोधाबाई के महल के बीच जगह की तलाश जारी है। वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद का कहना है कि ताज, किला और सीकरी में बेबी फीडिंग रूम से महिलाओं को आसानी होगी और बच्चों पर पूरा ध्यान दिया जा सकेगा। इन रूम में कुर्सी, मेज, पंखा और लाइट केसाथ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं होंगी। महिला पर्यटकों का फीडबैक लेकर अन्य सुविधाओं को देने पर विचार होगा।