लड़कियों को नौकरी के बहाने बनाया सेक्स वर्कर, हर महीने लाखों डॉलर कमा रहा था गैंग

नई दिल्ली (13 अप्रैल): ऐसा लगने लगा है कि युद्धग्रस्त देशों में लड़की होना गुनाह हो गया है। लड़की अगर खूबसूरत है तो शायद उससे भी बड़ा गुनाह ! 'गल्फ न्यूज़' ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके अनुसार सीरिया से जान बचाकर लेबनान पहुंचे परिवारों की 78 लड़कियों को अच्छा जॉब और अच्छी सेलरी के बहाने दो होटलो में कैद कर लिया गया और उन्हें जबरन देह व्यापार के लिए मज़बूर किया गया। जो लड़कियां जितने दिन देह व्यापार से इंकार करती उसके साथ उतने दिन बलात्कार किया जाता। उसकी कोड़ों से पिटायी होती और खाने-पीने को भी नहीं दिया जाता।

हथियारबंद औरत और मर्द चौबीस घंटे उनकी निगरानी करते थे। होटल के जेलनुमा कमरों से इन लड़कियों को बाहर की हवा तभी मिल पाती थी जब उनको अबॉर्शन के लिए ले जाया जाता था। 'गल्फ न्यूज़' ने लिखा है कि जिन होटलों में सीरियाई लड़कियों से जबरन वेश्यावृत्ति करवायी जा रही थी वो बेरूत से महज़ बीस किलोमीटर की दूरी पर हैं। लेबनान के एक सामाजिक संगठन काफा की ऑफिस बियरर माया अल अम्मार ने बताया कि लेबनान में सीरियाई लड़कियों से जबरन वेश्यावृत्ति में एक बडा़ गैंग सक्रिय है।

ये गैंग जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे से लगभग दस लाख अमेरिकी डॉलर प्रति महीना कमा रहा था। यह गैंग कब से सक्रिय है यह तो पता नहीं चला लेकिन जबरन वेश्यावृत्ति का खुलासा 25 मार्च को जब हुआ जब दो लड़कियां अल सुबह गार्डों को चकमा देकर भाग निकलीं। उन्होंने एक मिनी बस के ड्राइवर को सारी कहानी बतायी। वो ड्राइवर उन्हें सेंट्रल बेरूत के पुलिस स्टेशन ले गया।

पुलिस ने दो दिन तक दोनों होटलों पर खुफिया नज़र रखी और 27 मार्च की रात दबिश डाली। दविश के दौरान होटलों में इन लड़कियों की जो हालत थी, उसे देख कर पुलिस कर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गये। लेबनान पुलिस के प्रवक्ता कर्नल जोसेफ मसालेम ने आशंका व्यक्त की है कि इस बेरूत के पास इस तरह का गैंग किसी बड़े पुलिस अधिकारी के संरक्षण के बिना नहीं चल सकता। लेबनान कंजरवेटिव देश है और वहां  वेश्यावृत्ति जघन्य अपराध है। लेबनान सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिये हैं। कर्नल जोसेफ ने बताया कि दोनों होटलों से छुड़ायी गयी  लड़कियों में से 35 अपने घरों को वापस चलीं गयीं हैं। जबकि बाकी लड़कियों का इलाज चल रहा है।