इस भारतीय क्रिकेटर ने पाकिस्तान के पीएम की इस मांग को दिखाया था ठेंगा

नई दिल्ली(31 दिसंबर): एक खिलाड़ी का सपना होता वह अपने देश के लिए खेले और नाम रोशन करे। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में एक ऐसा खिलाड़ी भी हुआ है जिसको पाकिस्तान से खेलने का न्यौता मिला और उसने स्वीकार नहीं किया। जिसक खिलाड़ी की बात कर रहे हैं उसका नाम सैयद मुश्ताक अली है। अली भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से टेस्ट में सतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। गौर करने वाली बात ये है कि अली को पाकिस्तान से खेलने का न्यौता खुद वहां के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने दिया था। भुट्टो ने एक नहीं बल्कि दो बार इस भारतीय बल्लेबाज के सामने पाकिस्तानी नागरिकता लेने का प्रस्ताव रखा था।

खुद मुश्ताक के बेटे गुलरेज अली ने बताया कि उनके पिता को सन् 1948 में पहली बार इसके लिए कहा गया था। ये वो दौर था, जब कुछ ही समय पहले भारत-पाक का बंटवारा हुआ था। मध्य प्रदेश की सीनियर टीम के फील्डिंग कोच गुलरेज का कहना है कि जब उनके पिता तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात के लिए शिमला गए थे इस वक्त उन्हें दूसरी बार पाक नागरिकता का प्रस्ताव दिया गया था।

बता दें कि मुश्ताक अली का जन्म इंदौर में 17 दिसंबर 1914 को हुआ था। इस खिलाड़ी ने 226 प्रथम श्रेणी मैचों की 384 पारियों में 16 बार नाबाद रहते हुए 13213 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 63 अर्धशतक और 30 शतक जड़े।

वहीं बात अगर अंतर्राष्ट्रीय मैच की करें तो उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 2 शतक और 3 अर्धशतक लगाए। मुश्ताक ना सिर्फ बेहतरीन बल्लेबाज बल्कि एक शानदार गेंदबाज भी रहे और फर्स्ट क्लास में 162 विकेट भी हासिल किए थे। इस महान बल्लेबाज की मृत्यु 90 साल की उम्र में 18 जनवरी 2005 को हुई थी। उनके नाम पर सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का भी आयोजन किया जाता है।