कोर्ट ने सुनाया फैसला, लड़कों के साथ मुस्लिम लड़कियों को तैरना ही होगा

नई दिल्ली ( 10 जनवरी ): मुस्लिम धर्म में लड़कियों और औरतों को लेकर तरह की पाबंदी है ऐसे ही एक मालमे स्विट्जरलैंड के एक कोर्ट ने अजीब फरमान सुनाया है। स्विट्जरलैंड के को-एजुकेशन स्कूलों में मुस्लिम लड़कियों को लड़कों के साथ स्विमिंग क्लास में छूट नहीं मिलेगी। यूरोपियन मानव अधिकार कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिम लड़कियों को लड़कों के साथ स्विमिंग क्लास लेनी ही पड़ेगी।

स्विट्जरलैंड के मुस्लिम दंपती ने यूरोपियन कोर्ट और ह्यूमन राइट्स (ECHR) में लड़कियों को लड़कों के साथ तैराकी न कराने को लेकर केस दाखिल किया था। मंगलवार को स्ट्रॉसबर्ग ने एक मुस्लिम अभिभावक द्वारा दाखिल की गई याचिका पर फैसला सुनाया जो चाहते थे कि उनकी दो बेटियां लड़कों के साथ स्विमिंग क्लास से बाहर रहें। अभिभावक ने कहा कि इससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन होता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इससे किसी की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं होता है। ECHR ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया जिसमें कहा गया था कि सभी बच्चों के लिए स्विमिंग सीखना बहुत जरूरी है।

कोर्ट ने अभिभावक पर 1400 फ्रैंक (लगभग 94,000 रुपये) का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि वह अपने बच्चों को स्विमिंग करने के लिए अनिवार्य रूप से भेजेंगे। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक एकीकरण के लिए ऐसा करना जरूरी है। स्विट्जरलैंड के बासल और कई अन्य शहरों में स्विमिंग सीखना अनिवार्य है।