विदेशों से कालाधन लाने की मोदी की मुहिम को झटका, स्विस बैंक ने थोपीं शर्तें

नई दिल्ली (26 मार्च): काला धन रखने वालों के नाम जगजाहिर होने की खबरों से स्विस बैंक में जमा होने वाले पैसे में कमी आने लगी। भविष्य में अपने व्यसाय को बचाने के लिए अब स्विस बैंक ने उन देशों पर कुछ नई शर्तें लागू कर दी हैं जिनस उसने अपने खाताधारकों की जानकारी देने का समझौता किया था। इसी समझौते के तहत भारत को अगले साल पहली तिमाही में स्विस बैंक में कालाधन रखने वालों की जानकारी मिलने वाली थी।


 स्विस बैंक की नई शर्तों के बादकालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम को स्विट्जरलैंड की शर्तों से झटका लग सकता है। स्विट्जरलैंड ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में भले स्विस बैंकों में खातों की जानकारी देने के लिए हामी भरी हो, लेकिन अब वह इस पर ऐसी शर्त लगा सकता है जिससे भारत समेत अन्य देशों के लिए ब्लैक मनी के खातों की जानकारी पाना आसान नहीं होगा। ऐसे में कालेधन को भारत लाने की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।


 स्विट्जरलैंड ने कहा है कि अगर गोपनीयता की शर्त को नहीं माना गया तो वह जानकारी देने के ऑटोमैटिक प्रोसेस को कभी भी खत्म कर सकता है। गौरतलब है कि एक समझौते के तहत स्विट्जरलैंड स्विस बैंकों में जमा कालेधन की सूचना अन्य देशों को अगले साल से देने की स्वचालित व्यवस्था के लिए तैयार है।