अब पसीने से भी रिचार्ज हो सकेगा मोबाईल फोन

नई दिल्ली (28 जून): एऊर्जा सृजन के नए-नए जरिये तलाशने में जुटे विशेषज्ञों ने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए अब एकदम नायाब स्रोत का पता लगाया है। एक शोध में हमारे पसीने में मौजूद तत्वों की मदद से रेडियो चार्ज करने का दावा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विधि से हमारी रोजमर्रा की ऊर्जा की छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।


यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में विशेषज्ञों की टीम ने एक प्रयोग किया, जिसमें उन्होंने एक जैविक ईंधन वाला त्वचा पर लगाई जा सकने वाली पट्टी बनाई है। यह पट्टी इनसान के पसीने से ऊर्जा उत्पन्न करती है जिससे रोडिया या मोबाइल फोन जैसे उपकरणों को चार्ज किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह पट्टी पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड से ऊर्जा उत्पन्न कर उसका इस्तेमाल उपकरणों को चार्ज करने में करती है।


न्यू साइंटिस्ट में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि घर से बाहर रहने पर अक्सर फोन की बैटरी खत्म हो जाती है। प्रमुख शोधकर्ता जोसेफ वांग ने कहा कि इस तकनीक के जरिये फोन को कहीं भी चार्ज किया जा सकता है। बस इसके लिए थोड़ा सा पसीना बहाने की जरूरत होगी। यह पट्टी कुछ सेंटीमीटर चौड़ी है और इसे सीधे त्वचा पर लगाया जा सकता है।  इस पट्टी में कुछ एंजाइम का इस्तेमाल किया गया है, जो साधारण बैटरियों में धातु का काम करते हैं। यह हमारे पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड से मिलने के बाद ऊर्जा का संचार करते हैं।